
नेशनल डेस्क : तेलंगाना सरकार के सिंचाई एवं CAD विभाग में कार्यरत एग्जीक्यूटिव इंजीनियर नुने श्रीधर को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने आय से अधिक संपत्ति के गंभीर आरोप में गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि श्रीधर ने अपनी वैध आय से कई गुना ज्यादा संपत्ति जमा की थी। एंटी करप्शन ब्यूरो ने श्रीधर के घर समेत उनके रिश्तेदारों के 13 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान करोड़ों रुपये की संपत्ति के दस्तावेज, महंगे आभूषण, बैंक में जमा रकम और कीमती गाड़ियाँ बरामद की गईं। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
13 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी
आपको बता दें कि एंटी करप्शन ब्यूरो ने श्रीधर के घर समेत उनके रिश्तेदारों के 13 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान करोड़ों रुपये की संपत्ति के दस्तावेज, महंगे आभूषण, बैंक में जमा रकम और कीमती गाड़ियाँ बरामद की गईं। जांच अधिकारियों ने बताया कि श्रीधर के पास तेलंगाना के अलग-अलग शहरों में कई इमारतें, जमीनें और अन्य बहुमूल्य संपत्तियाँ पाई गईं।
एक विला, 19 प्लॉट, 3 फ्लैट और 16 एकड़ कृषि भूमि….
तलाशी के दौरान ACB को इन संपत्तियों की जानकारी मिली…
-तेलपुर में एक आलीशान विला
-शेखपेट में स्काई हाई नामक एक फ्लैट (4500 वर्गफुट क्षेत्र में)
-करीमनगर में 3 फ्लैट
-अमीरपेट में एक वाणिज्यिक परिसर
-हैदराबाद, वारंगल और करीमनगर में कुल 19 आवासीय प्लॉट
-16 एकड़ कृषि भूमि
-कई जगहों पर भवन और होटल में हिस्सेदारी इसके अलावा श्रीधर के पास दो चार पहिया वाहन, सोने के आभूषण, और बड़ी मात्रा में नकद व बैंक जमा भी पाई गई।
होटल कारोबार में भी है बड़ी हिस्सेदारी
इसके साथ ही जांच में पता चला है कि नुने श्रीधर ने करीमनगर और अन्य स्थानों में कई होटलों में भी निवेश कर रखा है। इन सभी संपत्तियों और निवेशों की कुल कीमत अरबों रुपये बताई जा रही है, जो उनकी सरकारी सैलरी के मुकाबले कहीं ज्यादा है।
विदेश में बेटे की शादी पर खर्च किए करोड़ों रुपये
इतनी संपत्ति होने की वजह से श्रीधर ने अपनी दौलत का दिखावा भी खुले तौर पर किया। उन्होंने अपने बेटे की शादी थाईलैंड में डेस्टिनेशन वेडिंग के रूप में कराई थी। इस शादी पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए। शादी में महंगे इंतजाम, विदेशी मेहमानों की मेज़बानी और लग्ज़री सुविधाओं की भरमार थी।
कालेश्वरम परियोजना से भी जुड़ा है इंजीनियर
सूत्रों के अनुसार, नुने श्रीधर कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना से भी जुड़े थे। यह परियोजना दुनिया की सबसे बड़ी बहु-चरणीय लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं में से एक है, जो पहले से ही भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरी हुई है। इस मामले में जांच आयोग ने तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री और BRS प्रमुख के. चंद्रशेखर राव (KCR) को भी पूछताछ के लिए तलब किया है।
आगे और खुलासों की संभावना
नुने श्रीधर की गिरफ्तारी से यह साफ हो गया है कि भ्रष्टाचार किस तरह सरकारी तंत्र में गहराई से फैला हुआ है। एसीबी की कार्रवाई केवल शुरुआत हो सकती है, और आने वाले समय में और भी बड़े नामों का खुलासा हो सकता है। यह मामला न केवल सरकारी अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।