
नेशनल डेस्क : 21 जून 2025 को भारत समेत पूरी दुनिया में 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बहुत धूमधाम से मनाया गया। भारत में हर कोने में लोग सुबह-सुबह योग करते नजर आए। बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और युवा – सभी ने मिलकर योग किया और सेहतमंद जीवन का संदेश दिया। हर कोई इस दिन को खास बनाने में लगा रहा। योग सिर्फ एक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से भी खुद को मजबूत बनाने का तरीका है। इसके साथ ही आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में आयोजित एक बड़े योग कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भी हिस्सा लिया। आइए जानत है इस खबर को विस्तार से…
सेना ने भी दिखाया उत्साह
आपको बता दें कि भारतीय सेना ने भी इस खास दिन को पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ मनाया। देश के अलग-अलग हिस्सों में तैनात जवानों ने अपने-अपने स्थान पर योग किया। चाहे पहाड़ हों, रेगिस्तान हों या बर्फीले इलाके, हर जगह सैनिकों ने पूरी लगन के साथ योग किया और यह दिखाया कि सेना के जीवन में भी योग कितना जरूरी है।
Speaking on the occasion of #InternationalYogaDay in Udhampur. https://t.co/isV1Fm9W6f
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) June 21, 2025
उधमपुर में रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख की मौजूदगी
इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में आयोजित एक बड़े योग कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने सैनिकों के साथ योग किया और बताया कि योग केवल शरीर के लिए नहीं, बल्कि दिमाग को शांत और तनावमुक्त रखने के लिए भी बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि युद्ध जैसी कठिन स्थितियों में भी योग सैनिकों की मानसिक तैयारी और फोकस बनाए रखने में मदद करता है।
देश के हर कोने में सैनिकों का योग
भारतीय सेना के जवानों ने भारत के हर दिशा में योग किया। उत्तर में सियाचिन ग्लेशियर की बर्फीली ऊँचाइयों से लेकर दक्षिण के पोर्ट ब्लेयर के शांत समुद्र तट तक, हर जगह सैनिक योग करते नजर आए। पूर्व में अरुणाचल प्रदेश के किबिथू गांव से लेकर पश्चिम में गुजरात के कच्छ के रण तक, हर स्थान पर जवानों ने योग का अभ्यास कर यह दिखाया कि योग हर परिस्थिति में संभव है।
दिल्ली में भव्य कार्यक्रम
बता दें कि राजधानी दिल्ली में करियप्पा परेड ग्राउंड में एक बहुत बड़ा योग कार्यक्रम हुआ, जिसमें सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने हिस्सा लिया। इस आयोजन में 25 देशों के रक्षा प्रतिनिधि, एनसीसी कैडेट्स, स्कूली छात्र, सेना के जवान और उनके परिवार भी शामिल हुए। कुल मिलाकर 3,400 से ज्यादा लोगों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया और एक साथ योग कर एकजुटता और शांति का संदेश दिया।
आज जब हमारा देश अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रहा है तो हमें योग शब्द के सही मायनों का स्मरण करना चाहिए। योग का अर्थ है जोड़ना। समाज के हर वर्ग को भारत की संस्कृति और आत्मा से जोड़ना ही योग है। यदि इस काम में समाज का एक भी वर्ग पीछे छूटा तो समझो भारत की एकता और सुरक्षा का चक्र…
— रक्षा मंत्री कार्यालय/ RMO India (@DefenceMinIndia) June 21, 2025
विदेशों में भी भारतीय सैनिकों ने मनाया योग दिवस
सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में तैनात भारतीय सैनिकों ने भी योग दिवस मनाया। मंगोलिया में चल रहे ‘खान क्वेस्ट’ नामक बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में हिस्सा ले रहे भारतीय सैनिकों ने वहां भी योग किया। इसके अलावा फ्रांस में ‘अभ्यास शक्ति’ में भाग ले रहे सैनिकों ने अपने अंतरराष्ट्रीय साथियों के साथ मिलकर योग किया। इससे भारत की सांस्कृतिक पहचान को भी विश्व स्तर पर दिखाने का मौका मिला।
योगः कर्मसु कौशलम् – सेना की आस्था
इस वर्ष योग दिवस की थीम रही – “योगः कर्मसु कौशलम्” जिसका अर्थ है कि कर्मों में दक्षता ही असली योग है। भारतीय सेना इस बात में विश्वास रखती है कि योग उन्हें सिर्फ स्वस्थ नहीं बनाता, बल्कि अपने कर्तव्यों को बेहतर ढंग से निभाने की ताकत भी देता है। इस दिन के आयोजनों ने यह साबित कर दिया कि योग अब भारतीय संस्कृति का हिस्सा बनकर, पूरे विश्व में फैल चुका है।
योग दिवस के मौके पर जो एकता, उत्साह और ऊर्जा देखने को मिली, वह सच में प्रेरणादायक है। योग ने यह दिखा दिया कि यह केवल एक व्यायाम नहीं बल्कि जीवन जीने की एक सकारात्मक और सशक्त पद्धति है। भारत की सेना, आम नागरिकों, बच्चों और विदेशों में तैनात सैनिकों ने मिलकर यह संदेश दिया कि योग हर जगह, हर व्यक्ति के लिए जरूरी है – चाहे कोई किसी भी उम्र, स्थान या परिस्थिति में क्यों न हो।