शिमला: हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। पहाड़ दरक रहे हैं, मकान जमींदोज हो रहे हैं, नदियां उफान पर हैं और लोग दहशत में दिन बिता रहे हैं। शिमला जिले के रामपुर क्षेत्र में बादल फटने की घटना सामने आई है। रामपुर की सरपारा पंचायत के सिक्ससेरी गांव में रविवार रात बादल फटने से तीन परिवारों के मकान और गौशालाएं बह गईं। इस घटना में राजेंद्र कुमार, विनोद कुमार और गोपाल सिंह की एक-एक गाय और राजेंद्र की दो बछड़े बह गए। हालांकि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। यह मलबा समेज खड्ड होते हुए सतलुज नदी में जा मिला।
सोमवार सुबह यह इमारत भारी बारिश के कारण ढह गई। इसके आसपास तीन से चार अन्य मकानों में भी दरारें आई हैं। जबकि राजधानी शिमला के भट्टाकुफर में एक पांच मंजिला इमारत भारी बारिश के कारण भरभरा कर ढह गई। रामपुर क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण 34 ट्रांसफार्मर और दो पेयजल योजनाएं ठप हो गई हैं। वहीं जलोग क्षेत्र में हुए एक वाहन हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है, जबकि एक व्यक्ति लापता है। मौके पर पुलिस और प्रशासन राहत कार्य में जुटा हुआ है। भारी बारिश के कारण सिरमौर जिले के गिरि जटोन डैम और मंडी जिले के पंडोह डैम से पानी छोड़ा गया है, जिससे गिरि और ब्यास नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है।
निचले क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्रदेश सरकार ने भूस्खलन और भारी वर्षा के चलते कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और कुल्लू जिले के बंजार व मनाली उपमंडल में आज सभी शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया है। पिछले 24 घंटों में भारी बारिश के कारण करीब 129 सड़कें प्रभावित हुई हैं, जिनमें सिरमौर जिले में 57, मंडी में 44 और कुल्लू में 19 सड़कें हैं। मंडी में 340, लाहौल स्पीति में 140 और सोलन में 92 डीटीआर समेत 612 वितरण ट्रांसफार्मर क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।
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