बिहार डेस्क : बिहार में मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। एक पुलिस अधिकारी पर गंभीर आरोप लगे हैं। मामला शेखपुरा जिले के मेहुस थाना इलाके का बताया जा रहा है। मेहुस थाना प्रभारी प्रवीण चंद्र दिवाकर ने न केवल ई-रिक्शा चालक प्रदुमन कुमार को जाति पूछकर बेरहमी से पीटा, बल्कि थाने में ले जाकर जमीन पर थूककर जबरन थूक भी चटवाया।
मामला सामने आने के बाद इलाके में पुलिस अधिकारी की दबंगई की चर्चा हो रही है। प्रदुमन ने बताया कि वह ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार को पाल रहा है। सोमवार शाम को लगभग साढ़े 7 बजे शेखपुरा से सवारी लेकर मेहुस गांव पहुंचा था। इसके बाद चौक की तरफ जाते समय एक बुलेट सवार ने उसे रुकवाया। सादे कपड़ों में उस शख्स ने प्रदुमन को जमकर गालियां दीं।
बाद में पता लगा कि वह मेहुस थाना प्रभारी है। इसके बाद थानाध्यक्ष ने मौके पर फोर्स बुलवाकर उसे सड़क पर लाठियों से पिटवाया। शराब पीने का झूठा आरोप भी लगाया। बाद में उसे पीटते हुए थाने लेकर गए। यहां उसकी बेरहमी से पिटाई कर मानसिक तौर पर टॉर्चर किया गया। इसके बाद जाति पूछी तो उसने ब्राह्मण बताई।
बाद में थानेदार ने कहा कि ब्राह्मणों को तो देखना भी पसंद नहीं करता। इसके बाद जमीन पर थूका और उससे चाटने को कहा। जबरन थूक चाटने के बाद उसे छोड़ गया। पुलिस की पिटाई की वजह से प्रदुमन को गंभीर चोटें आई हैं। उसे परिवार के लोगों ने सदर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया है।
परिजनों ने मामले के बारे में विधायक सुदर्शन कुमार को बताया तो उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष और तुरंत कार्रवाई की मांग की। पुलिस सूत्रों के मुताबिक प्राथमिक तौर पर थानाध्यक्ष के खिलाफ आरोप सही पाए गए हैं। थानाध्यक्ष प्रवीण चंद्र दिवाकर को तुरंत पद से हटा दिया गया है। विभाग ने उचित कानूनी कार्रवाई का भरोसा भी दिया है।
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