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Japan Earthquake : भूकंप के तेज झटकों से एक बार फिर डोली जापान की धरती, 5.4 की तीव्रता… मचा हड़कंप

July 5, 2025

Japan Earthquake : भूकंप के तेज झटकों से एक बार फिर डोली जापान की धरती, 5.4 की तीव्रता… मचा हड़कंप

इंटरनेशनल डेस्क : 5 जुलाई 2025 को जापान के तात्सुगो क्षेत्र में एक बार फिर तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.4 मापी गई और इसका केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर नीचे था। यह भूकंप स्थानीय समय के अनुसार शनिवार को आया और आसपास के इलाकों में भी कंपन महसूस किया गया। हालांकि अब तक किसी बड़े नुकसान या जान-माल की हानि की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लोगों में डर का माहौल जरूर देखा गया। इससे पहले भी कुछ दिनों पहले अमामी कागोशिमा में 5.5 तीव्रता का भूकंप आया था, जिससे लोगों में लगातार चिंता बनी हुई है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

जापान में भूकंप की प्रमुख वजह

जापान एशिया का एक द्वीपीय देश है जो प्रशांत महासागर में स्थित है। यह दुनिया के उन देशों में शामिल है जो भूकंप की दृष्टि से सबसे ज्यादा संवेदनशील माने जाते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है इसका प्रशांत रिंग ऑफ फायर पर स्थित होना। यह वह क्षेत्र है जहां तीन बड़ी टेक्टोनिक प्लेट्स पैसिफिक प्लेट, फिलिपींस प्लेट और यूरेशियन प्लेट आपस में टकराती हैं। इन प्लेट्स की हलचल के कारण जापान के अलग-अलग हिस्सों में रोज़ छोटे-बड़े भूकंप महसूस किए जाते हैं। यही कारण है कि जापान में हर समय भूकंप और ज्वालामुखी से जुड़ी गतिविधियों को लेकर सतर्कता बरती जाती है।

भूकंप का स्थायी केंद्र टोकारा द्वीप समूह

टोकारा द्वीप समूह, जो कागोशिमा प्रांत का हिस्सा है, जापान के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित इलाकों में से एक माना जाता है। इस समूह में कुल 12 छोटे-छोटे द्वीप शामिल हैं, जहां लगभग 700 लोग रहते हैं। यह क्षेत्र इतना भूगर्भीय रूप से सक्रिय है कि यहां हर साल लगभग 1500 भूकंप दर्ज किए जाते हैं। हाल ही के दिनों में इस क्षेत्र ने एक बार फिर से भूकंपीय गतिविधियों का खतरनाक स्तर देखा है, जो वैज्ञानिकों और स्थानीय प्रशासन दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है।

एक ही दिन में 183 बार हिली धरती

23 जून 2025 को टोकारा द्वीप समूह में असामान्य रूप से एक ही दिन में 183 बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। यह संख्या किसी भी सामान्य दिन की तुलना में कहीं अधिक थी। इसके बाद भी झटकों का सिलसिला रुका नहीं। 26 जून को 15, 27 जून को 16, 28 जून को 34 और 29 जून को 98 बार धरती हिली। यह घटना एक ‘भूकंपीय झुंड’ (Earthquake Swarm) का उदाहरण है, जिसमें एक ही क्षेत्र में लगातार छोटे-छोटे भूकंप आते रहते हैं। आमतौर पर इस तरह की घटनाएं मुख्य भूकंप के पहले या बाद में देखी जाती हैं, लेकिन कभी-कभी ये अकेले भी बिना किसी बड़े झटके के आती हैं।

टोकारा में पहले भी रही है हलचल

टोकारा में इस प्रकार की गतिविधियां पहली बार नहीं हुई हैं। पिछले वर्षों के आंकड़े भी यही संकेत देते हैं कि यह क्षेत्र लगातार भूगर्भीय हलचल की चपेट में रहता है। उदाहरण के तौर पर, सितंबर 2024 में यहां 346 बार भूकंप दर्ज किए गए थे, जबकि दिसंबर 2021 में भी 308 झटके महसूस किए गए थे। ये आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि टोकारा द्वीप समूह एक अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र है, जहां किसी भी समय बड़ी आपदा की आशंका बनी रहती है।

सतर्कता और जागरूकता की जरूरत

जापान तकनीकी रूप से दुनिया के सबसे विकसित देशों में से एक है, और भूकंप जैसी आपदाओं से निपटने के लिए उसके पास उच्च स्तरीय तैयारियां होती हैं। लेकिन टोकारा जैसे क्षेत्रों में लगातार आने वाले भूकंप यह संकेत देते हैं कि सतर्कता कभी कम नहीं होनी चाहिए। सरकार और वैज्ञानिक संस्थान लगातार इन घटनाओं की निगरानी कर रहे हैं, लेकिन आम लोगों के लिए भी यह जरूरी है कि वे आपदा से निपटने के उपायों को समझें और उनका पालन करें। जापान में भूकंप आना आम बात है, लेकिन उसका असर कम करना हमारी तैयारी पर निर्भर करता है।

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