Last Updated: October 17, 2026

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Gujarat Bridge collapse: महिसागर नदी पर बना पुल गिरा, 9 की मौत… कई वाहन नदी में डूबे

July 9, 2025

Gujarat Bridge collapse: महिसागर नदी पर बना पुल गिरा, 9 की मौत… कई वाहन नदी में डूबे

नेशनल डेस्क : गुजरात के वडोदरा जिले में स्थित महिसागर नदी पर बना एक पुराना पुल सुबह अचानक ढह गया। इस घटना ने सबको हिलाकर रख दिया है। हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई है और 5 लोगों को बचा लिया गया है। पुल टूटते ही उस पर चल रहे कम से कम 5 वाहन नदी में गिर गए। इनमें से दो ट्रक पूरी तरह से नदी में समा गए जबकि एक टैंकर पुल के किनारे पर लटकता रह गया। घटना के तुरंत बाद वहां अफरा-तफरी मच गई और बचाव अभियान शुरू किया गया। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

1985 में चालू हुआ था यह पुल

आपको बता दें कि यह पुल 1981 में बनकर तैयार हुआ था और 1985 में जनता के लिए खोला गया था। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इसकी हालत बहुत खराब हो चुकी थी। इसके बावजूद पुल पर लगातार वाहन चलते रहे। स्थानीय विधायक चैतन्य सिंह झाला ने इस पुल की खराब हालत को देखते हुए पहले ही चेतावनी दी थी। उन्होंने सरकार से नए पुल के निर्माण की मांग भी की थी। लेकिन चेतावनी के बावजूद पुल को बंद नहीं किया गया। नतीजा यह हुआ कि आज एक बड़ा हादसा हो गया।

सड़क एवं भवन विभाग का बयान

वहीं इस हादसे पर सड़क एवं भवन विभाग के सचिव पीआर पटेलिया ने कहा, “हमें गंभीरा पुल के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली थी, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। विशेषज्ञों की टीम को जांच के लिए भेज दिया गया है।”

मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तुरंत तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को मौके पर भेजकर जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही पुल गिरने की पूरी जानकारी जुटाने और हादसे के कारणों का पता लगाने को कहा है। पुल के गिरते ही स्थानीय प्रशासन और राहत टीम मौके पर पहुंच गई। नदी में गिरे वाहनों को बाहर निकालने का काम शुरू हो गया है। तैराकों की मदद से शवों को भी निकाला गया। फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है।

अब मिलेगा नया पुल, 212 करोड़ की मंजूरी

सरकार ने इस पुल के स्थान पर 212 करोड़ रुपये की लागत से नया पुल बनाने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए सर्वेक्षण भी हो चुका है। उम्मीद है कि अब जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा। यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्यों पुरानी और कमजोर अधोसंरचना पर समय रहते कार्रवाई नहीं होती? अगर पुल पर यातायात पहले ही बंद कर दिया जाता और नया पुल बनना शुरू होता, तो शायद यह त्रासदी टाली जा सकती थी। अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर हैं – देखना होगा कि इसके लिए कौन जिम्मेदार ठहराया जाता है।

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