इंटरनेशनल डेस्क। चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने 9 जुलाई को काहिरा में क्रमशः अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल घेट और मिस्र की प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष हनफ़ी जबाली से मुलाकात की। अरब लीग के महासचिव घेट से हुई मुलाकात में ली छ्यांग ने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान में चीन-अरब संबंध अपने ऐतिहासिक रूप से सबसे अच्छे दौर में प्रवेश कर चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन हमेशा अरब देशों के साथ अपने संबंधों को एक रणनीतिक दृष्टिकोण से देखता और विकसित करता है, और अरब देशों के न्यायोचित कार्यों का दृढ़ता से समर्थन करता है।
ली छ्यांग ने कहा कि चीन अरब देशों के साथ अपने रणनीतिक आपसी विश्वास को और बढ़ाना चाहता है। इसके साथ ही, चीन विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने, संयुक्त रूप से आधुनिकीकरण को बढ़ावा देने और एक उच्च स्तरीय चीन-अरब साझे भविष्य वाले समुदाय का निर्माण करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी व्यक्त किया कि चीन अरब देशों के साथ बहुपक्षीय संपर्क और समन्वय को मजबूत करना चाहता है, जिससे एक अधिक न्यायसंगत और उचित वैश्विक शासन प्रणाली के निर्माण को बढ़ावा मिल सके। ली छ्यांग ने आशा व्यक्त की कि अरब लीग चीन-अरब संबंधों के विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।
जवाब में, अरब लीग के महासचिव घेट ने कहा कि अरब पक्ष एक-चीन सिद्धांत का दृढ़ता से समर्थन करता है। उन्होंने बताया कि अरब लीग चीन के साथ राजनीतिक आपसी विश्वास को गहरा करने के लिए तैयार है। इसके अलावा, व्यापार, निवेश और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में आदान-प्रदान और सहयोग को मजबूत करने, पहले चीन-अरब राज्य शिखर सम्मेलन के परिणामों को लागू करना जारी रखने और अगले साल संयुक्त रूप से दूसरे शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने की भी उनकी योजना है।
उधर, मिस्र की प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष हनफ़ी जबाली से हुई मुलाकात में चीनी पीएम ली छ्यांग ने मिस्र के साथ चीन के गहरे और स्थायी संबंधों पर जोर दिया, जिसमें उन्होंने बताया कि राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद से दोनों देशों के बीच पारंपरिक मित्रता लगातार मजबूत बनी हुई है, चाहे अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियां कितनी भी बदल गई हों। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग का विकास निरंतर जारी है और यह जीवन शक्ति से भरपूर है, जो एक मजबूत आंतरिक प्रेरणा शक्ति को दर्शाता है।
ली छ्यांग ने इस बात पर प्रकाश डाला कि चीन मिस्र के साथ अपनी पारंपरिक दोस्ती को और आगे बढ़ाना चाहता है, राजनीतिक आपसी विश्वास को बढ़ाना चाहता है, विकास संबंधों को गहरा करना चाहता है और द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाना चाहता है। उनका मानना है कि इससे द्विपक्षीय सहयोग में और अधिक उपलब्धियां हासिल होंगी और दोनों देशों के लोगों को बेहतर लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष विधायी निकायों के बीच मैत्रीपूर्ण आदान-प्रदान जारी रखेंगे, नीतिगत संचार और शासन में अनुभव के आदान-प्रदान को मजबूत करेंगे और आपसी समझ को लगातार बढ़ाएंगे।
जबाली ने जवाब में कहा कि मिस्र को दृढ़ विश्वास है कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के नेतृत्व में चीन सफलतापूर्वक चीनी शैली के आधुनिकीकरण को प्राप्त करेगा। उन्होंने दोहराया कि मिस्र चीन के साथ विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग का विस्तार करने और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए तैयार है। मिस्र की प्रतिनिधि सभा भी दोनों देशों की विधायी संस्थाओं के बीच आदान-प्रदान और सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)