
उत्तर प्रदेश: संभल के शहबाजपुर कलां गाँव की रहने वाली मेहरुल निशा उर्फ परी और उसकी बहन महक ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वे वीडियो से 20 से 25 हज़ार रुपये कमा लेती हैं। उनके चार लाख फ़ॉलोअर्स हैं। सोशल मीडिया पर सक्रिय होने से पहले, वे चाँदी का वर्क बनाने का काम करती थीं।
पिता आज भी परचून की दुकान चलाते हैं। इसके साथ ही, गाँव के लोगों का कहना है कि अगर सामग्री अच्छी होती तो गाँव का नाम रोशन होता, लेकिन अब गाँव का नाम बदनाम हो गया है। इससे लोगों में गुस्सा है। गाँव के लोगों ने बताया कि ऐसी ही एक लड़की हिना है, जो अमरोहा के डिडौली थाना अंतर्गत जोया की रहने वाली है, जिसने अपने परिवार को बदनाम किया है।
ग्रामीणों ने बताया कि मेहरुल निशा उर्फ परी और महक अपने दोनों भाइयों से बड़ी हैं। परिवार में माता और पिता हैं जो लंबे समय से चांदी का काम करते हैं। वह किराने की दुकान भी चलाते हैं। दरअसल, दोनों बहनों ने मिलकर मई 2024 में इंस्टाग्राम पर अकाउंट बनाया था। पहले नाम कुछ और रखा गया। इसके बाद दो बार और नाम बदला गया। बाद में आईडी को महक-परी143 नाम दिया गया। शुरुआत में फॉलोअर्स कम थे लेकिन जब कंटेंट अश्लील किया गया तो फॉलोअर्स बढ़ने लगे। दोनों अश्लील हावभाव और अभद्र भाषा वाले वीडियो अपलोड करती थीं। वर्तमान में चार लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।
पुलिस ने तीन लड़कियों और एक लड़के के पास से चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की जाँच के दौरान, वीडियो पर की गई टिप्पणियों पर हज़ारों लोगों ने अश्लील टिप्पणियाँ की थीं। इनमें ज़्यादातर लोगों ने लिखा था कि सामग्री बेहद घटिया है। महिलाओं के अपमान का भी ज़िक्र था। जाँच के दौरान पुलिस को कई वीडियो मिले और उन सभी की सामग्री अश्लील या आपत्तिजनक पाई गई।
अश्लील रील बनाने और पोस्ट करने के आरोप में तीन युवतियां और एक युवक गिरफ्तार
संभल के असमोली थाना पुलिस ने शहबाजपुर कलां गांव निवासी मेहरुल निशा उर्फ परी, उसकी बहन महक और अमरोहा के डिडौली थाना क्षेत्र के जोया निवासी उसकी साथी हिना और भावलपुर गांव निवासी जरार को गिरफ्तार किया है। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि आरोपी युवतियों ने पूछताछ में बताया है कि उन्होंने पैसे कमाने और सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए अश्लील सामग्री चुनी थी।
पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उन्हें जमानत मिल गई। एसपी ने बताया कि महक परी के नाम से एक आईडी बनाई गई थी। इसी आईडी का इस्तेमाल करके ये दोनों बहनें अपनी दो सहेलियों के साथ मिलकर अश्लील रील बनाकर उन्हें विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर कर रही थीं। रविवार को असमोली थाने की मंसूरपुर माफी पुलिस चौकी प्रभारी मोहित चौधरी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तभी से आरोपियों की तलाश की जा रही थी। इसी क्रम में ये गिरफ्तारियाँ की गई हैं।
एसपी ने बताया कि पूछताछ में यह भी पता चला कि दोनों बहनें कम पढ़ी-लिखी हैं। उन्होंने कुछ समय पहले ही आईडी बनाई थी। ग्रामीणों ने केवल अश्लील सामग्री का वीडियो बनाने का विरोध किया था।