Last Updated: October 6, 2026

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आपदा राहत को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री शाह के दौरे पर टिकीं उम्मीदें

July 19, 2025

आपदा राहत को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री शाह के दौरे पर टिकीं उम्मीदें

शिमला: लगातार तीन सालों से दैवीय आपदा की चुनौती का सामना कर रहे हिमाचल की उमीदें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे पर टिकी हैं। सीएम सुक्खू के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार को उम्मीद है कि हिमाचल के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच कर अमित शाह राहत पैकेज की घोषणा करेंगे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू हाल ही में दिल्ली प्रवास पर थे। दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने वित्त, गृह, सड़क परिवहन मंत्रियों से मुलाकात कर उनके समक्ष प्रदेश को आपदा राहत पैकेज मुहैया करवाने व विशेष आर्थिक मदद देने का मुद्दा उठाया।

मुलाकात के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को आश्वस्त किया कि वह जल्द हिमाचल आएंगे। मुख्यमंत्री का कहना है कि उम्मीद है कि गृह मंत्री हिमाचल आकर राज्य के लिए राहत पैकेज घोषित करेगें। उधर शुक्रवार को जाखू में पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक आपदा से हुए नुक्सान और प्रभावितों को राहत देने एवं पुनर्वास के लिए दिन-रात कार्य कर रही है। नेता प्रतिपक्ष भी लगातार उनके संपर्क में हैं क्योंकि उनके निर्वाचन क्षेत्र में सर्वाधिक नुकसान हुआ है। इसके अलावा धर्मपुर, करसोग और नाचन क्षेत्रों में भी बारिश से काफी नुक्सान हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में अपने दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों को प्रदेश में आपदा से हुए नुकसान से अवगत करवाया और सहायता का आग्रह किया है। उन्होंने उम्मीदजताई कि जब केन्द्रीय गृह मंत्री हिमाचल प्रदेश के दौरे पर आएंगे, तो प्रदेश को केंद्र सरकार से कुछ राहत अवश्य मिलेगी। सुक्खू ने कहा कि प्रभावित लोगों का पुनर्वास प्रदेश सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें गैर वन भूमि पर बसाया जाएगा, जबकि वन भूमि के आवंटन के लिए केंद्र सरकार की स्वीकृति आवश्यक होगी।

सबसे पहले आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सड़क बहाल करना सरकार की प्राथमिकता है ताकि बागवानों को सेबए सब्जियां और अन्य फसलों को बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिल सके। इसके अलावा जिन लोगों के घरए पशुशालाएं, मवेशी या अन्य संपत्ति नष्ट हुई है, उन्हें भी सरकार पर्याप्त मुआवजा देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित परिवारों के लिए विश्रम गृहों में राहत शिविर बनाए गए हैं। जो लोग किराए के मकानों में रहना चाहते हैं उन्हें राज्य सरकार पांच हजार प्रतिमाह किराया सहायता राशि के रूप में प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री ने छोटा शिमला में लोक निर्माण विभाग के विश्रम गृह का लोकार्पण किया। इस भवन में 4.15 करोड़ रुपए के व्यय से नौ विशेष कक्षों का निर्माण किया गया है। वर्तमान प्रदेश सरकार ने इस भवन का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विश्रम गृहों को आम जनता के लिए ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से उपलब्ध करवाया जा रहा है। सभी विश्रम गृहों को जल्द ही ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था से जोड़ाजाएगा।

उन्होंने प्रदेश में आने वाले पर्यटकों का भी स्वागत किया और कहा कि कुछ सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर हिमाचल के पर्यटन को लेकर भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भले ही कुछ क्षेत्रों में बारिश से नुक्सान हुआ है, लेकिन प्रदेश का अधिकांश हिस्सा सुरक्षित है और पर्यटकों के लिए खुला है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, विधायक कमलेश ठाकुर, मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान,राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम, उद्योग विकास कॉरपोरेशन के उपाध्यक्ष विशाल चम्बियाल, महापौर सुरेंद्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, उपायुक्त अनुपम कश्यप और अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।

प्रदेश में इस साल मानसून में एक हजार करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है। 106 लोगों की आकस्मिक मृत्यु भी हुई है। बीते तीन सालों में प्रदेश में बारिश , बाढ़ व बादल फटने से 20 हजार करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है। सैंकड़ों लोगों की जानें गई। हजारों घर जमींदोज हो गए। सरकार के समक्ष बारिश में आशियाना गंवा चुके लोगों के पुनर्वास के साथ साथ सड़क, पेयजल, सिंचाई व बिजली जैसी क्षतिग्रस्त आधारभूत सुविधाओं को बहाल करने की चुनौती है। चुनौती से पार पाने के लिए सरकार को केंद्र से राहत पैकेज की दरकार है।

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