Last Updated: October 7, 2026

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‘लोग सरकार भरोसे पहलगाम गए थे, उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया’, लोकसभा में बोली प्रियंका गांधी

July 29, 2025

‘लोग सरकार भरोसे पहलगाम गए थे, उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया’, लोकसभा में बोली प्रियंका गांधी

नई दिल्ली: संसद में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने जहां भारतीय सेना के शौर्य और बलिदान को सलाम किया। उन्होंने सरकार से कड़े सवाल भी पूछे। प्रियंका गांधी ने कहा, “हमें आज़ादी अहिंसा के रास्ते से मिली, लेकिन 1948 से लेकर अब तक देश की एकता और अखंडता को बचाने में हमारी सेना का अहम योगदान रहा है।” उन्होंने मंत्रियों द्वारा इतिहास और सैन्य कार्रवाइयों की जानकारी देने की सराहना की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि “सब कुछ बताया गया, पर एक जरूरी बात छूट गई, पहलगाम हमला कैसे हुआ? और क्यों हुआ?”

लोग सरकार भरोसे गए थे पहलगाम, भगवान भरोसे छोड़ दिया

प्रियंका गांधी ने पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए शुभम द्विवेदी की पत्नी का जिक्र करते हुए कहा, “लोग सरकार के भरोसे पहलगाम गए थे, लेकिन सरकार ने उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया।” उन्होंने पूछा कि क्या इस हमले की जिम्मेदारी गृह मंत्री और रक्षा मंत्री की नहीं है?

 

खुफिया एजेंसियों की विफलता पर निशाना

प्रियंका गांधी ने आतंकी संगठन टीआरएफ (The Resistance Front) का नाम लेते हुए सवाल किया कि “जब यह संगठन काफी समय से सक्रिय है, तो क्या कोई सरकारी एजेंसी ऐसी नहीं है जो यह पता लगा सके कि एक बड़ा हमला होने वाला है?” उन्होंने इस पूरी घटना को सरकारी एजेंसियों की एक गंभीर विफलता बताया।

अमित शाह को घेरा

प्रियंका गांधी ने अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा, “केंद्रीय गृह मंत्री ने आज नेहरू और इंदिरा गांधी के कार्यों के बारे में बात की। उन्होंने मेरी मां के आँसुओं के बारे में भी बात की। लेकिन उन्होंने कभी यह नहीं बताया कि युद्धविराम की घोषणा क्यों की गई।”

मां के आंसुओं की बात का जवाब देते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, “मेरी मां के आंसू तब बहे थे जब आतंकवादियों ने मेरे पिता को मार डाला था। आज, जब मैं उन 26 लोगों (पहलगाम हमले के पीड़ितों) के बारे में बात करती हूं, तो ऐसा इसलिए है क्योंकि मैं उनका दर्द समझती हूं।”

 

सरकार हमेशा सवालों से बचने की कोशिश करती है

कांग्रेस सांसद ने कहा, “यह सरकार हमेशा सवालों से बचने की कोशिश करती है। देश के नागरिकों के प्रति उनकी कोई जवाबदेही नहीं है। सच तो यह है कि उनके दिल में जनता के लिए कोई जगह नहीं है। उनके लिए सब कुछ राजनीति है, प्रचार है।”

कांग्रेस सांसद ने कहा कि इस सदन में बैठे ज्यादातर लोगों को सुरक्षा कवच मिला हुआ है। लेकिन उस दिन पहलगाम में 26 लोगों को उनके परिवारों के सामने मार दिया। उस दिन बैसरन घाटी में जितने भी लोग मौजूद थे, उनके पास कोई सुरक्षा नहीं थी। आप चाहे कितने भी ऑपरेशन चला लें, सच्चाई के पीछे नहीं छिप सकते।

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