नई दिल्ली: संसद में मंगलवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती दी कि अगर उनमें हिम्मत है तो संसद में खड़े होकर कहें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप झूठ बोल रहे हैं।
राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि ट्रंप ने 29 बार ये दावा किया है कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध को रुकवाया। राहुल ने सवाल उठाया कि अगर ये गलत है तो पीएम मोदी को स्पष्ट रूप से यह कहना चाहिए कि “ट्रंप झूठ बोल रहे हैं”। राहुल बोले कि अगर पीएम में इंदिरा गांधी के 50% भी साहस है, तो उन्हें इस बात को संसद में कहना चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ने पाकिस्तान पर हमला करने के बाद सिर्फ 30 मिनट में ही यह कह दिया कि अब और कोई कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने इसे “सरेंडर” बताया। उन्होंने रक्षा मंत्री के बयान का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने खुद कहा कि हमने 1:35 बजे हमले की सूचना पाकिस्तान को दे दी, लेकिन कहा कि कोई और कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने कहा, “आपने बता दिया कि आप युद्ध नहीं चाहते। आपने पायलट्स के हाथ-पैर बांध दिए। सेना को आजादी नहीं दी।”

राहुल गांधी ने कहा कि सेना देश की शान है, लेकिन उसे काम करने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की ज़रूरत होती है। उन्होंने कहा कि जब 1971 में युद्ध हुआ, तब प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अमेरिका की परवाह नहीं की और एक लाख पाकिस्तानी सैनिकों ने सरेंडर किया। उन्होंने कहा, “आज प्रधानमंत्री सेना का इस्तेमाल अपनी इमेज सुधारने के लिए कर रहे हैं, न कि राष्ट्रहित के लिए।”
राहुल गांधी ने कहा कि असली चुनौती पाकिस्तान नहीं, चीन और पाकिस्तान का साथ आना है। उन्होंने बताया कि चीनी सेना पाकिस्तान को लाइव बैटलफील्ड इंटेलिजेंस दे रही थी। राहुल ने कहा कि यह भारत की विदेश नीति की बड़ी विफलता है कि दुनिया का कोई इस्लामिक देश पाकिस्तान की आतंकवाद पर निंदा नहीं कर रहा। उन्होंने विदेश मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने चीन का नाम तक नहीं लिया, जो चिंता का विषय है।
राहुल गांधी ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि एक नया शब्द चल पड़ा है, “न्यू नॉर्मल”। इसका मतलब अब ये हो गया है कि कोई भी आतंकी हमला अब “एक्ट ऑफ वॉर” माना जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे आतंकियों को ज्यादा ताकत मिल गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सीडीएस अनिल चौहान ने भी सरकार की रणनीति में गलती मानी है और बताया कि आतंकी हमले का मास्टरमाइंड आसिम मुनीर उस वक्त ट्रंप के साथ लंच कर रहा था।
राहुल गांधी का साफ कहना था कि भारत को चाहिए कि वह चीन और पाकिस्तान को अलग करे, न कि उन्हें पास आने दे। सेना को पूरी छूट दी जानी चाहिए, लेकिन उसे इमेज बिल्डिंग का जरिया नहीं बनाना चाहिए। अगर सरकार में आत्मविश्वास है, तो उसे ट्रंप के दावे को झूठा घोषित करना चाहिए।
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