चंडीगढ़: हरियाणा सरकार का करप्शन पर जीरो टोलरेंस जारी है। फर्जी सत्यापन करने के आरोप में तीन श्रम निरीक्षक निलंबित किए गए हैं। श्रम आयुक्त डॉ. मनीराम शर्मा ने ये निलंबन आदेश मंगलवार को जारी किए। श्रम मंत्री अनिल विज ने एक मीटिंग के दौरान इस करप्शन की नब्ज पकड़ ली थी। उन्होंने प्रदेश में इस प्रकार के सत्यापन के जांच के आदेश दिए थे। श्रम मंत्री के निर्देश के बाद कमेटी ने जांच की तो पाया कि फर्जी सत्यापन का काम श्रम विभाग के श्रम निरीक्षक और विकास एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों ने किया था।
इसलिए श्रम विभाग ने तीन श्रम निरीक्षक निलंबित किए हैं जबकि विकास एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों को निलंबित करने के लिए विकास एवं विभाग के आयुक्त एवं सचिव को पत्र भेजे जा चुके हैं। जो तीन श्रम निरीक्षक निलंबित हुए हैं, उनमें बहादुरगढ़ में झज्जर सर्कल-2 के लेबर इंस्पेक्टर राज कुमार, सोनीपत में सर्कल-2 के लेबर इंस्पेक्टर रोशन लाल और फरीदाबाद में सर्कल-12 के लेबर इंस्पेक्टर धनराज शामिल हैं। हरियाणा बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर वेलफेयर बोर्ड के सचिव ने जांच रिपोर्ट दी है, जिसके आधार पर तीनों पर अगस्त, 2023 से मार्च, 2025 के बीच कंस्ट्रक्शन स्थलों या कामगारों का वास्तव में दौरा किए बगैर फर्जी वर्क-स्लिप/सर्टिफिकेट मंजूर किए थे। राज कुमार ने 44168, रोशन लाल ने 51748 और धन राज ने 35128 वर्क-स्लिप/सर्टिफिकेट मंजूर
किए थे।
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