नई दिल्ली: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 20वीं किस्त 2 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी से राष्ट्र को संबोधित करते हुए जारी करेंगे। इस अवसर पर पूरे देश में व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में इस संबंध में तैयारियों की समीक्षा की गई।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि यह महाअभियान केवल किस्त वितरण का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि किसानों को जागरूक करने और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है। उन्होंने कहा कि 20वीं किस्त के तहत लगभग 9.7 करोड़ किसानों को करीब 20,500 करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।
चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री जी के कार्यक्रम से जुड़ने के लिए देशभर के 731 कृषि विज्ञान केंद्र (KVKs), 100 से अधिक ICAR संस्थान और सभी कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति वर्चुअली शामिल होंगे।

उन्होंने बताया कि हर राज्य और जिले में भी कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिसमें मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि किसानों के साथ शामिल होंगे। ये आयोजन ग्राम पंचायत स्तर तक होंगे, ताकि देश के कोने-कोने तक इसकी पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
योजना की उपलब्धियां भी उल्लेखनीय हैं। वर्ष 2019 में शुरू हुई पीएम-किसान योजना के अंतर्गत अब तक 19 किस्तों में 3.69 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों के खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है। योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता देना है ताकि वे खेती में आत्मनिर्भर बन सकें।
चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि सखी, ड्रोन दीदी, बैंक सखी, बीमा सखी, पशु सखी और ग्राम पंचायतों के सरपंचों के माध्यम से भी कार्यक्रम की जानकारी जन-जन तक पहुंचाई जाए। इस बैठक में कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी, ICAR के महानिदेशक डॉ. मांगी लाल जाट सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
यह आयोजन न केवल किसानों को आर्थिक सहायता देने का माध्यम है, बल्कि यह सरकार की “डिजिटल ट्रांसफर” प्रणाली की सफलता और पारदर्शिता का भी परिचायक है। देश का अन्नदाता सशक्त हो, यही सरकार का लक्ष्य है और यह योजना उस दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रही है।
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