American nuclear submarines : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार, 1 अगस्त 2025 को रूस के पूर्व राष्ट्रपति और वर्तमान सुरक्षा परिषद उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव की कथित रूप से भड़काऊ टिप्पणियों के जवाब में, दो परमाणु-क्षम पनडुब्बियां रूस के पास भेजने का आदेश दिया। ट्रम्प ने इसे एक एहतियाती कदम बताया ताकि अगर यह बयान केवल शब्दों से आगे बढ़ते हैं, तो अमेरिका तैयार रहे।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दी चेतावनी
ट्रम्प ने अपने सोशल प्लेटफ़ॉर्म Truth Social पर लिखा कि “रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव, जो अब रूसी संघ की सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष हैं, के बेहद भड़काऊ बयानों के आधार पर, मैंने दो परमाणु पनडुब्बियों को उपयुक्त क्षेत्रों में तैनात करने का आदेश दिया है, ताकि ये मूर्खतापूर्ण और भड़काऊ बयान ज़्यादा न हों। शब्द बहुत महत्वपूर्ण होते हैं, और अक्सर अनपेक्षित परिणाम दे सकते हैं, मुझे उम्मीद है कि यह ऐसा नहीं होगा। इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद!”
“Dead Hand” परम्परागत परमाणु प्रतिक्रिया-प्रणाली
इस आदेश की पृष्ठभूमि में मेदवेदेव ने ट्रम्प को “शब्द देख कर चलने” की चेतावनी दी थी और दावा किया था कि ट्रम्प द्वारा लगाए गए परमाणु हमले धमकी जैसे आरोपों के बाद, रूस के “Dead Hand” जैसी परम्परागत परमाणु प्रतिक्रिया-प्रणाली को याद रहना चाहिए।
ट्रम्प ने यह भी कहा कि यदि भारत रूस से ऊर्जा खरीदता है, तो अमेरिका भारत पर 25% शुल्क लागू करेगा। जिसे उन्होंने ‘भारत और रूस दोनों डेड इकॉनमी बताकर चेतावनी दी। मेदवेदेव ने इस रणनीति की निंदा करते हुए कहा कि भारत और रूस ‘Dead Hand’ की तरह खतरनाक क्षेत्र में प्रवेश कर सकते हैं, भले ही ‘Dead Hand’ अब अस्तित्व में न हो।
ट्रंप ने कथित डाटा किया सांझा
इसके अलावा, ट्रम्प ने यूक्रेन के साथ युद्ध में रूस और यूक्रेन दोनों को हुए कथित नुकसान का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि इस महीने रूस ने लगभग 20,000 सैनिक खो दिए, और वर्ष 2025 की शुरूआत से अबतक कुल 1,12,500 सैनिक की हानि हुई है। वहीं यूक्रेन ने 1 जनवरी से अबतक लगभग 8,000 सैनिक खोए हैं। इसमें अभी गायब सैनिकों को शामिल नहीं किया गया है।
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