Last Updated: September 25, 2026

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अमेरिका ने भारत पर टैरिफ बढ़ाकर 50% किया, डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा फैसला

August 6, 2025

अमेरिका ने भारत पर टैरिफ बढ़ाकर 50% किया, डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा फैसला

इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आने वाले सामान पर 25% अतिरिक्त टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही अब भारत पर कुल 50 फीसदी टैरिफ लगाया गया है। यह टैरिफ भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने और उसे दूसरे देशों को बेचकर मुनाफा कमाने को लेकर लगाया गया है।

कब से लागू होगा नया टैरिफ?

राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा हस्ताक्षर किए गए कार्यकारी आदेश में कहा गया है, मुझे यह ज्ञात हुआ है कि भारत सरकार वर्तमान में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से रूस संघ से तेल का आयात कर रही है। लागू कानूनों के अनुसार संयुक्त राज्य अमेरिका के कस्टम क्षेत्र में भारत से आयातित वस्तुओं पर 25 प्रतिशत की अतिरिक्त दर से शुल्क लगाया जाएगा।

यह टैरिफ 7 अगस्त 2025 से आंशिक रूप से लागू होगा। पूरा शुल्क 21 दिन बाद, यानी 28 अगस्त 2025 से लागू हो जाएगा। लेकिन जिन सामानों को 17 सितंबर से पहले अमेरिका के लिए भेजा गया होगा और जो जहाज पर पहले से लोड हैं, उन पर यह शुल्क नहीं लगेगा।

इस फैसले का असर

भारत और अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों में तनाव बढ़ सकता है। भारत से अमेरिका को भेजे जाने वाले सामान की कीमतें बढ़ सकती हैं। यह निर्णय अमेरिका के रणनीतिक और आर्थिक हितों से जोड़ा जा रहा है।

पहले भी ट्रंप ने दी थी टैरिफ बढ़ाने की धमकी

इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अगर भारत ने रूस के साथ तेल का व्यापार बंद नहीं किया, तो अमेरिका भारत पर भारी टैरिफ (आयात शुल्क) लगाएगा। ट्रंप का कहना था कि भारत रूस से बड़ी मात्रा में तेल खरीद रहा है और उसे ऊंचे दामों पर बेचकर फायदा भी कमा रहा है। इससे रूस को यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में मदद मिल रही है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि भारत को इस बात की कोई परवाह नहीं है कि रूस की इस जंग में कितने लोगों की जान जा रही है।

ट्रंप ने कहा कि भारत के टैरिफ दुनिया में सबसे ज्यादा हैं, और अमेरिका के साथ व्यापार में भारत को ज्यादा फायदा होता है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका भारत से माल मंगवाता है, लेकिन भारत अमेरिका से उतना व्यापार नहीं करता।

रूस ने भारत के पक्ष में जारी किया था बयान 

डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद रूस ने भारत के पक्ष में बयान जारी किया था। दिमित्री पेस्कोव ने कहा था कि किसी भी देश को रूस के साथ व्यापार बंद करने के लिए मजबूर करना अवैध है। अपने व्यापारिक साझेदारो के खिलाफ इस तरह के दवाब को धमकी के रूप में लिया जाएगा। रूस के प्रवक्ता क्रेमलिन ने कहा था कि किसी भी संप्रभु देश को अपना व्यापार साझेदार चुनने का अधिकार है। उसे ऐसी धमकी नहीं दी जा सकती।

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