नई दिल्ली: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात के दौरान महत्वपूर्ण बयान दिए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच जो भी मतभेद हैं, उन्हें विवाद या प्रतिस्पर्धा में नहीं बदलना चाहिए, बल्कि शांतिपूर्ण और रचनात्मक तरीके से हल करना चाहिए।
जयशंकर ने कहा, “हमारे संबंधों में किसी भी सकारात्मक गति का आधार सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखने की क्षमता है। तनाव कम करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना आवश्यक है।” यह बैठक उस समय हो रही है जब भारत और चीन के बीच सीमा विवाद के चलते रिश्तों में खटास आ गई थी, खासकर 2020 के बाद से। हालांकि, दोनों देशों ने हाल के महीनों में प्रयास किए हैं ताकि संबंधों को सुधारा जा सके।
#WATCH | Delhi: In his meeting with Chinese Foreign Minister Wang Yi, EAM Dr S Jaishankar says, “The fight against terrorism in all its forms and manifestations is another major priority. I look forward to our exchange of views. Overall, it is our expectation that our discussions… pic.twitter.com/gJOeelcIw5
— ANI (@ANI) August 18, 2025
द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा
जयशंकर ने अपने प्रारंभिक भाषण में कहा कि चीनी विदेश मंत्री की भारत यात्रा दोनों देशों को द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करने और वैश्विक स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि इस बातचीत में आर्थिक और व्यापारिक मुद्दों के अलावा, तीर्थयात्रा, लोगों से लोगों के बीच संपर्क, सीमा व्यापार, नदी डेटा साझाकरण, और द्विपक्षीय आदान-प्रदान पर भी चर्चा की जाएगी। जयशंकर ने कहा, “हमने जुलाई में चीन की यात्रा के दौरान कुछ विशेष चिंताओं को उठाया था, जिन्हें हम आगे और विस्तार से चर्चा करेंगे।”
#WATCH | Delhi: In his meeting with Chinese Foreign Minister Wang Yi, EAM Dr S Jaishankar says, “Having seen a difficult period in our relationship, our two nations now seek to move ahead. This requires a candid and constructive approach from both sides. In that endeavour, we… pic.twitter.com/LOmJNjSrVq
— ANI (@ANI) August 18, 2025
सीमा विवाद और शांति की आवश्यकता
विदेश मंत्री ने सीमा के मुद्दे पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए सीमा पर तनाव कम करना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ 24वें दौर की सीमा वार्ता को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने की आवश्यकता है। जयशंकर ने कहा, “हमारा यह प्रयास है कि हम भारत और चीन के बीच स्थिर, सहयोगात्मक और दूरदर्शी संबंध स्थापित करें। यह दोनों देशों के साझा हितों की पूर्ति करेगा और हमारे बीच के मतभेदों का समाधान करेगा।”
वैश्विक मुद्दों पर चर्चा
जयशंकर ने यह भी स्पष्ट किया कि जब दुनिया के दो सबसे बड़े देश मिलते हैं, तो अंतर्राष्ट्रीय स्थिति पर चर्चा करना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा, “हम एक निष्पक्ष, संतुलित और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था चाहते हैं, जिसमें बहुध्रुवीय एशिया भी शामिल हो।” साथ ही, उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता बनाए रखने और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को भी प्रमुख प्राथमिकता बताया।
#WATCH | Delhi: In his meeting with Chinese Foreign Minister Wang Yi, EAM Dr S Jaishankar says, “You are visiting India shortly before the SCO Summit that China is hosting in Tianjin. We have worked closely with the Chinese side during its presidency. We wish you a successful… pic.twitter.com/66PZGUFdJi
— ANI (@ANI) August 18, 2025
शिखर सम्मेलन की शुभकामनाएं
जयशंकर ने कहा कि चीनी विदेश मंत्री की यह यात्रा चीन द्वारा तियानजिन में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन से कुछ दिन पहले हो रही है। उन्होंने चीन के साथ काम करने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण को साझा करते हुए इस शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन की शुभकामनाएं दीं।