लुधियाना Prinkle : जूता कारोबारी एवं सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर प्रिंकल की बुधवार को अदालत में पेशी के दौरान हंगामा हो गया। पुलिस कस्टडी में कोर्ट रूम के बाहर ही एक एडवोकेट ने प्रिंकल के थप्पड़ जड़ दिए, जबकि प्रिंकल के साथ मौजूद उसके साथी ने भी एडवोकेट पर हाथ उठाया। इसे लेकर वहां स्थिति गंभीर बन गई। इस दौरान कोर्ट रूम के बाहर मौजूद इन्फ्लूएंसर और प्रिंकल के विरोधी हनी सेठी और प्रिंकल समर्थकों में भी कहासुनी हुई। बड़ी मुश्किल से पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग किया। कोर्ट रूम के बाहर हुई इस वारदात ने थाना सराभा नगर की पुलिस पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। बता दें कि मंगलवार को पुलिस ने 3 साल पहले थाना सराभा नगर में प्रिंकल पर दर्ज आई्.टी.एक्ट के मामले में उसे गिरफ्तार किया था।
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पुलिस ने यह मामला गगनप्रीत सिंह की शिकायत पर दर्ज किया था। गगनप्रीत का कहना है कि प्रिंकल ने सोशल मीडिया पर उसकी पत्नी के बारे में अभद्र टिप्पणियां की। गगनप्रीत का कहना है कि पुलिस ने आरोपी प्रिंकल पर मामला तो दर्ज कर दिया, लेकिन उसकी गिरफ्तारी नहीं की। बाद में प्रिंकल ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए मामले में क्लीन चिट ले ली। इसके बाद उन्हें अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। इसके बाद अदालत के निर्देशों पर ही पुलिस ने प्रिंकल को गिरफ्तार किया। बुधवार शाम तकरीबन 5 बजे थाना सराभा नगर की पुलिस प्रिंकल को अदालत में पेश करने के लिए लेकर आई। पुलिस ने उसे 3 नंबर कोर्ट में पेश करना था।

कोर्ट रूम के बाहर ही एडवोकेट ने प्रिंकल के जड़ा थप्पड़
प्रिंकल के पहुंचने से पहले ही उसके परिवार वाले और समर्थक कोट रूम के बाहर मौजूद थे। जैसे ही पुलिस उसकी हथकड़ी खोल अदालत में पेश करने लगी, तभी एडवोकेट ने पुलिस के सामने ही एडवोकेट में प्रिंकल के थप्पड़ जड़ दिया। पुलिस ने एडवोकेट को पीछे किया, तभी वहां प्रिंकल के एक समर्थक ने एडवोकेट पर हाथ उठा दिया। जिससे मामला गंभीर हो गया। तभी पुलिस ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग किया। जिस एडवोकेट ने प्रिंकल को थप्पड़ जड़ा, उसकी भी सोशल मीडिया पर प्रिंकल से काफी कहासुनी हो चुकी है।

गैंगस्टर लक्खू बाबा बताए जा रहे युवक की वीडियो ने पुलिस की जांच पर भी खड़े किए सवाल
कुछ दिन पहले प्रिंकल की शिकायत पर उसकी हत्या की साजिश रचने का मामला भी दर्ज किया गया था। जिसमें प्रिंकल ने जेल में बंद गैंगस्टर ऋषभ बेनीपाल, जालंधर के गैंगस्टर लखबीर सिंह लक्खू बाबा, शुभम मोटा, इंद्रजीत सिंह, हरप्रीत सिंह, गगनप्रीत सिंह, राजिंदर पाल सिंह और सुखविंदर पाल सिंह को नामजद किया था। प्रिंकल का कहना था कि बेनीपाल और अन्यों ने जालंधर के गैंगस्टर लक्खू बाबा को उसकी हत्या के लिए सुपारी दी है। उसका कहना था कि लक्खू बाबा उसकी हत्या के लिए उसकी दुकान पर भी आया था, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं था। उसने सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंपी थी। लेकिन मंगलवार को गैंगस्टर लक्खू बाबा बताए जा रहे युवक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड की। उसने बताया कि वह भट्टियां का रहने वाला है। वह तो प्रिंकल की दुकान पर जूते लेने गया था। लेकिन उसे गैंगस्टर बना दिया गया। लक्खू बाबा बताए जा रहे इस युवक की वीडियो ने पुलिस इन्वेस्टिगेशन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्पष्ट है कि प्रिंकल ने जो सीसीटीवी फुटेज सौंपी, पुलिस ने उसकी सही ढंग से जांच नहीं की और उस युवक को गैंगस्टर लक्खू बाबा समझकर मामला दर्ज कर दिया।

हनी सेठी और प्रिंकल के समर्थकों में भी हुई कहासुनी
प्रिंकल की अदालत में पेशी के दौरान उसके विरोधी हनी सेठी और उसके समर्थ भी मौजूद थे। इस दौरान दोनों पक्षों में भी कहासुनी हुई। दोनों ही एक दूसरे पर आरोप लगा रहे थे। पुलिस ने दोनों पक्षों को भी कोर्ट रूम के बाहर से अलग किया और बिल्डिंग से बाहर निकाला।
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