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चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में समाजवादी नया तिब्बत निर्माणाधीन है

August 21, 2025

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में समाजवादी नया तिब्बत निर्माणाधीन है

शीत्सांग यानी तिब्बत अपने अद्वितीय प्राकृतिक दृश्यों और सांस्कृतिक विशेषताओं के साथ, हमेशा से विश्व का ध्यान आकर्षित करता रहा है। 13वीं शताब्दी में युआन राजवंश के दौरान चीन का हिस्सा होने के बाद से, तिब्बत तथा मुख्य भूमि के दूसरे क्षेत्रों के साथ घनिष्ठ संबंध बने हुए हैं। हालाँकि, अपनी विशिष्ट भौगोलिक स्थिति के कारण, तिब्बत का आर्थिक और सामाजिक विकास लंबे समय से पिछड़ा हुआ है। 1951 में तिब्बत की शांतिपूर्ण मुक्ति और विशेष रूप से 1959 में लोकतांत्रिक सुधारों के बाद, केंद्र सरकार तथा देश के दूसरे क्षेत्रों के भरपूर्व समर्थन से तिब्बत में जबरदस्त परिवर्तन आया है, और आज वह पूरी तरह से आधुनिक छवि के साथ दुनिया के सामने प्रस्तुत हुआ है।

9 सितंबर, 1965 को, तिब्बत स्वायत्त प्रदेश की आधिकारिक स्थापना हुई। स्वायत्त प्रदेश का कुल क्षेत्रफल 12 लाख वर्ग किलोमीटर है, जो चीन के कुल क्षेत्रफल का लगभग आठवाँ भाग है। 2024 तक तिब्बत की कुल स्थायी जनसंख्या 37 लाख रही है, जिनमें शहरी क्षेत्रों में 14.7 लाख और ग्रामीण क्षेत्रों में 22.3 लाख शामिल हैं। लोकतांत्रिक सुधार के बाद, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने तिब्बती जनता की इच्छा के अनुसार, सामंती दास प्रथा को समाप्त कर दिया। लाखों दास और भूदास तिब्बती मुक्त हुए, और नए समाज के स्वामी बने। स्वायत्त प्रदेश की स्थापना के बाद से 60 वर्षों में, तिब्बत के आर्थिक निर्माण में “सहस्राब्दी-व्यापी चमत्कार” रचा गया। यह पिछड़े क्षेत्र से एक आधुनिकीकरण वाले क्षेत्र में परिवर्तित हो गया है, जहाँ लोग सुख और समृद्धि में रहते हैं और विभिन्न उपक्रम फल-फूल रहे हैं। 2024 तक, तिब्बत का सकल घरेलू उत्पाद 276.5 अरब युआन तक पहुँचा, जो 1965 की तुलना में 155 गुना अधिक है, और इसकी औसत वार्षिक वृद्धि दर 8.9% है। हाल के वर्षों में, तिब्बत के आर्थिक विकास का पैमाना निरंतर विस्तारित हुआ है, जिससे गुणवत्ता और दक्षता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। स्वच्छ ऊर्जा, सांस्कृतिक पर्यटन और पठारी प्रकाश उद्योग जैसे आधुनिक उद्योग फल-फूल रहे हैं और एक आधुनिक औद्योगिक प्रणाली स्थापित हुई है। प्रमुख आर्थिक संकेतकों की वृद्धि दर लगातार कई वर्षों से देश में सर्वोच्च रही है। 2024 तक, तिब्बत में शहरी निवासियों की प्रति व्यक्ति प्रयोज्य आय 55,444 युआन और किसानों व चरवाहों की प्रति व्यक्ति प्रयोज्य आय 21,578 युआन तक पहुँच गयी। सिचुआन-तिब्बत रेलवे और यालूजांबू नदी के निचले इलाकों में जलविद्युत परियोजना जैसी प्रमुख परियोजनाओं ने तिब्बत के आर्थिक विकास को मज़बूती प्रदान की है। 

तिब्बत ने 2020 के अंत तक अपनी पूरी आबादी को गरीबी से पूरी तरह बाहर निकाला और उस वर्ष लोगों की प्रति व्यक्ति शुद्ध आय में साल-दर-साल 12.5% की वृद्धि हुई। आज बुनियादी चिकित्सा और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ, सभी युवाओं को मुफ्त शिक्षा प्रदान की गई, और बड़ी संख्या में सांस्कृतिक बुनियादी ढाँचे और सामूहिक खेल सुविधाओं का निर्माण समाप्त किया गया। हालाँकि, तिब्बत में पारिस्थितिकी तथा प्राकृतिक वातावरण भारी उद्योगों के विकास के लिए उपयुक्त नहीं है। केंद्र सरकार के समर्थन से, तिब्बत निम्न-कार्बन अर्थव्यवस्था के विकास और स्वच्छ ऊर्जा आधारों के निर्माण में तेजी लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 2024 तक, तिब्बत के बिजली उत्पादन का 99% हिस्सा स्वच्छ ऊर्जा से संपन्न हुआ, जिससे तिब्बत न केवल अपने क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर सकता है, बल्कि स्वच्छ बिजली निर्यात का एक प्रमुख स्रोत भी बन गया है। वर्तमान में, तिब्बत में 99.7% दिन उत्कृष्ट वायु गुणवत्ता रहती है, और प्रमुख नदियों और झीलों का जल गुणवत्ता वर्ग III मानकों को 100% पूरा करता है या उससे अधिक है, जिससे यह दुनिया के सबसे पारिस्थितिक रूप से सुदृढ़ क्षेत्रों में से एक बना है। तिब्बत ने दुनिया की सबसे बड़ी राष्ट्रीय उद्यान प्रणाली स्थापित की है, वन क्षेत्र को 12.31% तक बढ़ाया है और 440,000 से अधिक पारिस्थितिक चौकियाँ स्थापित की हैं। स्थानीय लोग हरित पारिस्थितिक विकास के माध्यम से समृद्धि की राह पर हैं।

पिछले 60 वर्षों में, तिब्बत में लागू क्षेत्रीय जातीय स्वायत्तता की व्यवस्था ने तिब्बत की राजनीति, अर्थव्यवस्था और संस्कृति के सभी पहलुओं में उल्लेखनीय विकास किया है। क्षेत्रीय जातीय स्वायत्तता की व्यवस्था यह सुनिश्चित करती है कि सभी जातीय समूहों को राज्य के मामलों के प्रबंधन में समान रूप से भाग लेने और अपने क्षेत्रीय और जातीय मामलों का स्वतंत्र रूप से प्रबंधन करने का पूर्ण अधिकार प्राप्त हो, जिससे “अपने घर के स्वामी होने” के सिद्धांत को सही मायने में साकार किया जा सके। राष्ट्रीय नीतियों की एक श्रृंखला की शुरुआत के साथ, तिब्बत के लोग “सभी के लिए एक अच्छे घर” की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। आँकड़े बताते हैं कि तिब्बत की शांतिपूर्ण मुक्ति की शुरुआत में, प्रति व्यक्ति औसत स्व-स्वामित्व वाला आवास क्षेत्र 3 वर्ग मीटर से भी कम था। 2019 के अंत तक, तिब्बत में किसानों और चरवाहों के लिए प्रति व्यक्ति औसत स्व-स्वामित्व वाला आवास क्षेत्र 41.5 वर्ग मीटर तक पहुँच गया। तिब्बती लोगों के लिए हर कदम खुशहाल जीवन की ओर बढ़ता रहा है। तिब्बती जनता का सामंजस्यपूर्ण जीवन कम्युनिस्ट पार्टी और सरकार के समर्थन से अविभाज्य है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग) 

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