इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका द्वारा लागू किए गए नए आयात नियमों के कारण डाक सेवा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बता दें कि, दुनिया के कई देशों की डाक ने अमेरिकी डाक सेवा के साथ जुड़ी सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। यह नियम $800 या उससे कम कीमत वाले सामानों पर टैक्स छूट खत्म करने से संबंधित है, जो पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के तहत लागू किया गया है। इसका मकसद अवैध मादक पदार्थों और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की अमेरिका में शिपमेंट रोकना है।
हालांकि वर्तमान में राष्ट्रपति जो बाइडेन की सरकार ने इस नियम को लेकर कोई नया आदेश जारी नहीं किया है, लेकिन ट्रंप के आदेश का क्रियान्वयन जारी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय डाक सेवाओं में बड़ी बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।
कौन-कौन से देशों ने रोक दी डाक सेवा?
29 अगस्त की डेडलाइन के करीब आते हुए कई प्रमुख देशों ने अमेरिकी डाक सेवा के लिए अपनी पार्सल सेवाएं बंद या सीमित कर दी हैं:
जर्मनी: डच पोस्ट और डीएचएल पार्सल ने सभी व्यवसायिक ग्राहकों के पार्सल भेजना रोक दिया है, हालांकि डीएचएल की एक्सप्रेस सेवाएं जारी हैं।
फ्रांस: ला पोस्ट ने चेतावनी दी है कि अगर समस्या का समाधान नहीं निकला तो पूर्ण निलंबन कर दिया जाएगा।
ब्रिटेन: रॉयल मेल ने अस्थायी विराम के बाद नई व्यवस्था लागू करने की घोषणा की है।
बेल्जियम: बीपोस्ट ने केवल पत्र और $100 से कम कीमत वाली वस्तुएं भेजने की अनुमति दी है।
स्पेन: कोरियोस ने $800 से कम कीमत वाले पार्सल स्वीकार करना बंद कर दिया है।
भारत: भारतीय डाक ने भी सोमवार से माल की डाक सेवा निलंबित कर दी है, लेकिन $100 से कम कीमत के पत्र और उपहार भेजे जा सकते हैं।
पोस्टयूरोप, जो 53 यूरोपीय डाक सेवाओं का प्रतिनिधित्व करता है, ने भी मार्गदर्शन की कमी को लेकर चिंता जताई है और कई सदस्य देश डाक सेवा रोकने पर मजबूर हैं।
ग्राहक और व्यापारी वर्ग पर प्रभाव
इस नए नियम के चलते अमेरिका को भेजे जाने वाले पार्सल पर टैक्स शुल्क में इजाफा हो गया है, जो विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय विक्रेताओं और अमेरिकी ग्राहकों के लिए परेशानी का कारण बनेगा।
कम टैरिफ वाले देशों से आने वाले सामान पर अब $80 अतिरिक्त शुल्क लगेगा।
मध्य टैरिफ वाले देशों से पार्सल पर $160 तक टैक्स देना होगा।
उच्च टैरिफ वाले देशों के लिए यह शुल्क $200 तक पहुंच सकता है।
इसके साथ ही अब पार्सल भेजने से पहले ही टैक्स का भुगतान अनिवार्य होगा, जिससे शिपमेंट प्रक्रिया जटिल और महंगी हो जाएगी। हालांकि $100 से कम कीमत वाले दस्तावेज और उपहार अभी भी छूट के दायरे में रहेंगे, लेकिन इनकी भी कड़ी जांच की जाएगी ताकि नियमों का दुरुपयोग न हो।
डाक सेवाओं की परेशानी के कारण
डाक एजेंसियों की मुख्य शिकायत अमेरिका की सीमा शुल्क एजेंसी (CBP) से स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिलने की है। 15 अगस्त को तकनीकी जानकारियां साझा की गईं, लेकिन डाक सेवाओं के पास नई व्यवस्था को अपनाने के लिए बहुत कम समय बचा। इसका असर सेवाओं की गुणवत्ता और विश्वसनीयता पर पड़ा है।
इस बदलाव से वैश्विक डाक सेवा नेटवर्क में अस्थिरता आई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और उपभोक्ता सेवाओं पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। देशों के बीच समन्वय और स्पष्ट नियमों के अभाव में समस्या और बढ़ने की संभावना बनी हुई है। अब देखना होगा कि अमेरिकी प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय डाक सेवाएं इस चुनौती का समाधान कैसे निकालती हैं।