नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि केंद्र सरकार ने चुपचाप ऐसा निर्णय लिया है, जिससे देश के करोड़ों किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच जाएंगे। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने अमरीका के दबाव में आकर कपास (कॉटन) पर लगने वाला 11 प्रतिशत आयात शुल्क (ड्यूटी) हटा दी है। अब अमरीका से आने वाला कपास भारत के किसानों की कपास से 15 से 20 रुपए प्रति किलो तक सस्ता पड़ेगा।
उनका कहना है कि इससे देश की टैक्सटाइल इंडस्ट्री अक्तूबर से पहले ही अमरीकी कपास खरीद लेगी और जब भारतीय किसान अपनी कपास लेकर बाजार में आएंगे तो उनकी उपज खरीदारों के बिना रह जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों ने कर्ज लेकर कपास की बिजाई की है और पूरी उम्मीदों के साथ फसल तैयार की है, लेकिन मोदी सरकार के इस फैसले से उनकी मेहनत बेकार हो जाएगी। केजरीवाल ने तुलना करते हुए कहा कि अमरीका पर यूरोपीय यूनियन ने 50 प्रतिशत, चीन ने 125 प्रतिशत और कनाडा ने 35 प्रतिशत तक टैरिफ लगाए, लेकिन मोदी सरकार ने इसके उलट अमरीकी दबाव में झुकते हुए भारत में आयात शुल्क ही खत्म कर दिया।
उन्होंने कहा कि भारत को अमरीका से आयात पर अधिक शुल्क लगाना चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि अब किसानों को बचाने के लिए सभी राजनीतिक दलों और किसान संगठनों को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। इसी कड़ी में आम आदमी पार्टी 7 सितंबर को गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के चोटिला में एक बड़ी किसान जनसभा आयोजित करेगी। केजरीवाल ने मोदी सरकार से मांग की कि तुरंत प्रभाव से अमरीकी कपास पर पुन: ड्यूटी लगाई जाए, ताकि देश के किसानों को बचाया जा सके।
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