चंडीगढ़: पंजाब के राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियान ने आज कहा कि राज्य हाल के दशकों में आई सबसे भीषण बाढ़ से जूझ रहा है और 1,75,216 हेक्टेयर कृषि भूमि पर व्यापक फसल क्षति हुई है।
मंत्री ने कहा कि गुरदासपुर, अमृतसर, मानसा, फिरोजपुर और फाजिल्का सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल हैं, जहाँ कृषि क्षेत्र को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि फसलों, गाँवों और आबादी को हुए नुकसान का पैमाना पंजाब के 23 जिलों में आई आपदा की गंभीरता को दर्शाता है।
राहत कार्यों का विवरण देते हुए, हरदीप सिंह मुंडियान ने कहा कि निचले और गंभीर रूप से प्रभावित क्षेत्रों से 20,000 से अधिक लोगों को निकाला गया है। गुरदासपुर (5581 व्यक्ति), फिरोजपुर (3495), अमृतसर (2734), फाजिल्का (2422), होशियारपुर (1615), कपूरथला (1428), पठानकोट (1139), बरनाला (369), जालंधर (474), मानसा (16), रूपनगर (65), मोगा (115) और तरनतारन (21) में बड़े पैमाने पर लोगों को निकाला गया।
विस्थापितों के लिए राज्य भर में 167 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिनमें बरनाला में 29, पटियाला में 26, एसबीएस नगर में 23, फाजिल्का और जालंधर में 11-11, अमृतसर में 16, पठानकोट में 14, गुरदासपुर में 13, फिरोजपुर में 8, होशियारपुर में 5, रूपनगर में 3, कपूरथला में 4, मोगा में 2 और मानसा व संगरूर में 1-1 शिविर शामिल हैं। इन शिविरों में वर्तमान में 5304 लोग आश्रय ले रहे हैं। सबसे ज़्यादा लोग फाज़िल्का (1468), होशियारपुर (1041), फिरोज़पुर (706), अमृतसर (371), जालंधर (474), बरनाला (369), पठानकोट (417), मानसा (163), मोगा (115), संगरूर (75), कपूरथला (57), रूपनगर (35) और गुरदासपुर (13) में हैं।
राजस्व मंत्री ने बताया कि 1655 गाँव जलमग्न हो गए हैं जिससे 3,55,709 लोगों की आबादी प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि सबसे गंभीर रूप से प्रभावित जिलों में गुरदासपुर (324 गांव), अमृतसर (190), कपूरथला (123), होशियारपुर (121), मनसा (114), फिरोजपुर (111), पठानकोट (88), फाजिल्का (77), संगरूर (107), तरनतारन (70), जालंधर (64), पटियाला (53) और एसबीएस नगर (44) शामिल हैं। बठिंडा (13), फरीदकोट (15), रूपनगर (5), लुधियाना (26), बरनाला (37), श्री मुक्तसर साहिब (24), मालेरकोटला (7), एसएएस नगर (13) और मोगा (29) में छोटे लेकिन महत्वपूर्ण प्रभाव दर्ज किए गए हैं।
राजस्व मंत्री ने बताया कि कुल 3,55,709 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें अमृतसर (1,17,534), गुरदासपुर (1,45,000), फिरोजपुर (39,076) और फाजिल्का (21,562) सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं। प्रभावित होने वाले अन्य ज़िलों में पठानकोट (15,053), कपूरथला (5728), एसएएस नगर (7,000), होशियारपुर (1966) और जालंधर (991) शामिल हैं, जबकि बरनाला (476), मोगा (800), रूपनगर (300), मानसा (163) और तरनतारन (60) में कम संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं।
कृषि क्षेत्र में हुए नुकसान का ब्यौरा देते हुए, राजस्व मंत्री ने बताया कि राज्य में 1,75,216 हेक्टेयर खड़ी फ़सलों को नुकसान पहुँचा है। अकेले गुरदासपुर में 40,169 हेक्टेयर से अधिक भूमि को नुकसान हुआ है, इसके बाद मानसा (24,967), अमृतसर (23,000 हेक्टेयर), फाजिल्का (17,786), फिरोजपुर (17,620), कपूरथला (14,934), तरनतारन (12,828), संगरूर (6560), होशियारपुर (5971), पठानकोट (2442), जालंधर (3000), एसएएस नगर (2000), पटियाला (600), मोगा (2240), बठिंडा (586), रूपनगर (300), एसबीएस नगर (181) और लुधियाना (32) का स्थान है।
एस. मुंडियन ने बताया कि 12 जिलों में 37 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि पठानकोट में तीन लोग लापता हैं। सबसे अधिक मौतें होशियारपुर (7), पठानकोट (6) और बरनाला (5) में हुई हैं, इसके बाद अमृतसर और लुधियाना में 4-4 मौतें हुई हैं, जबकि बठिंडा और मानसा में 3-3, गुरदासपुर, पटियाला, रूपनगर, एसएएस नगर और संगरूर में 1-1 मौत हुई है।
उन्होंने बताया कि बचाव कार्यों में एनडीआरएफ की कुल 22 टीमें सक्रिय हैं, जिनमें अमृतसर और गुरदासपुर (4-4), पठानकोट, फिरोजपुर और फाजिल्का (3-3), जालंधर (2), बठिंडा, रूपनगर और कपूरथला (1-1) शामिल हैं। सेना, वायुसेना और नौसेना ने गुरदासपुर (3), पठानकोट, रूपनगर और अमृतसर (2-2) और कपूरथला, फिरोजपुर और फाजिल्का (1-1) सहित जिलों में इंजीनियरों के साथ टुकड़ियां तैनात की हैं।
उन्होंने बताया कि राहत सामग्री की आपूर्ति और निकासी में सहायता के लिए लगभग 35 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। सीमा सुरक्षा बल सीमावर्ती गुरदासपुर जिले में प्रयासों में सहयोग कर रहा है। राज्य सरकार ने राहत कार्यों को तेज करने के लिए 117 नावें और एक सरकारी हेलीकॉप्टर भी तैनात किया है।
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