
नई दिल्ली: आईफोन बनाने वाली कंपनी एक बार फिर विवादों में घिर गई है। इस बार मामला उसके AI मॉडल और कॉपीराइट उल्लंघन से जुड़ा है। iPhone 17 सीरीज की लॉन्चिंग से पहले कंपनी पर अमेरिका में नया मुकदमा दर्ज हुआ है, जिसमें आरोप है कि Apple ने दो लेखकों की किताबों के पायरेटेड वर्ज़न का इस्तेमाल अपने AI मॉडल की ट्रेनिंग के लिए किया है।
AI मॉडल के लिए कॉपीराइट कंटेंट का इस्तेमाल?
नॉर्थ कैलिफोर्निया की फेडरल कोर्ट में शुक्रवार, 5 सितंबर को दर्ज हुए इस क्लास-एक्शन मुकदमे में लेखकों ग्रैडी हैंड्रिक्स और जेनिफर रॉबर्टसन ने आरोप लगाया है कि Apple ने उनके द्वारा लिखी गई किताबों का अवैध रूप से उपयोग किया। उनका दावा है कि कंपनी ने इन पुस्तकों के पायरेटेड संस्करणों को इंटरनेट से डाउनलोड कर अपने OpenELM AI मॉडल को ट्रेन करने के लिए प्रयोग किया।

RedPajama डेटासेट से जुड़ा है विवाद
मुकदमे में बताया गया है कि Apple का OpenELM मॉडल, जिसे Hugging Face जैसे प्लेटफॉर्म पर लिस्ट किया गया है, ऐसे डेटासेट से ट्रेन किया गया है जिनमें RedPajama नाम का डाटा शामिल है। यह डाटा ओपन-सोर्स होने का दावा करता है, लेकिन इसमें कथित तौर पर कॉपीराइटेड सामग्री भी मौजूद है।
लेखकों का कहना है कि यह स्पष्ट रूप से उनके बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन है और Apple को इसका जवाब देना चाहिए। उन्होंने कोर्ट से इस मामले की सुनवाई ज्यूरी ट्रायल के तहत करवाने की अपील की है।
पहले भी लग चुके हैं आरोप
यह पहला मौका नहीं है जब Apple के AI मॉडल ट्रेनिंग पर सवाल उठे हैं। पिछले साल भी कंपनी पर यह आरोप लगा था कि उसने अपने AI फीचर्स को बेहतर बनाने के लिए YouTube वीडियो के डेटा का इस्तेमाल किया था, जो कॉपीराइट नियमों के दायरे में आता है।
Apple की चुप्पी बरकरार
फिलहाल इस नए मामले पर Apple की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि कंपनी पहले यह कह चुकी है कि OpenELM को उन्होंने रिसर्च समुदाय के सहयोग के लिए विकसित किया है, और इसका उपयोग Apple Intelligence ब्रांड के तहत नहीं किया जाता।
iPhone 17 की लॉन्चिंग पर असर?
iPhone 17 सीरीज की लॉन्चिंग अब नजदीक है, ऐसे में यह कानूनी विवाद Apple की ब्रांड छवि को प्रभावित कर सकता है। पहले से ही कई कानूनी चुनौतियों का सामना कर रही कंपनी के लिए यह मुकदमा एक और झटका साबित हो सकता है।
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