नेशनल डेस्क : झारखंड के पलामू जिले में आज सुबह सुरक्षा बलों और उग्रवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस और केंद्रीय बलों की संयुक्त कार्रवाई में टीएसपीसी (तेनुघाट स्पेशल एरिया कमेटी) से जुड़े 10 लाख रुपये के इनामी उग्रवादी शशिकांत को मार गिराया गया।
यह मुठभेड़ मनातू और तरहसी थाना क्षेत्रों की सीमा पर स्थित काश और बंशी खुर्द जंगल में उस समय हुई, जब कोबरा बटालियन, झारखंड जगुआर और जिला पुलिस की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर थी।
कैसे हुई मुठभेड़?
पुलिस के अनुसार, आज सुबह करीब 7 बजे सुरक्षाबलों ने जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। जिसके दौरान नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाल लिया। करीब एक घंटे तक चली मुठभेड़ में उग्रवादी शशिकांत मारा गया। घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुए हैं।
Jharkhand | The body of a TSPC extremist, Shashikant, who had a reward of Rs 10 lakh, and members of his squad were recovered after an encounter with a joint team of COBRA, JJ and Palamu Police at around 7 am today, between Kash and Banshi Khurd forest (border area of Manatu…
— ANI (@ANI) September 14, 2025
टीएसपीसी का टॉप कमांडर था शशिकांत
शशिकांत झारखंड में सक्रिय उग्रवादी संगठन टीएसपीसी का एक बड़ा नाम था और उसके ऊपर राज्य सरकार ने 10 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। वह कई वर्षों से पुलिस को चकमा देकर बचता आ रहा था और राज्य में कई नक्सली वारदातों में शामिल रहा है। पुलिस ने उसके अन्य साथियों के शव भी घटनास्थल से बरामद किए हैं, हालांकि उनकी पहचान की प्रक्रिया जारी है।
इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी
सुरक्षाबलों द्वारा फिलहाल पूरे क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि इस इलाके में उग्रवादियों की और भी गतिविधियों की आशंका है, इसलिए ऑपरेशन जारी रहेगा।
हाल की दूसरी बड़ी मुठभेड़
गौरतलब है कि इसी तरह की एक और मुठभेड़ पिछले सप्ताह पश्चिमी सिंहभूम जिले में गोइलकेरा थाना क्षेत्र के बरजूवा पहाड़ी इलाके में हुई थी। उस दौरान भी सुरक्षा बलों ने टीएसपीसी के ही एक अन्य इनामी जोनल कमांडर अमित हांसदा उर्फ अपटन को ढेर कर दिया था। वह भी 10 लाख रुपये के इनाम का मोस्ट वांटेड उग्रवादी था।
क्या कहते हैं अधिकारी?
झारखंड पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस ऑपरेशन को बड़ी कामयाबी करार दिया है। उनका कहना है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार की जा रही कार्रवाई से उग्रवादियों के हौसले पस्त हो रहे हैं और उनके नेटवर्क को ध्वस्त किया जा रहा है।
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