
कुल्लू: जैसे ही हिमाचल प्रदेश में त्योहारों की रौनक बढ़ने लगती है, वैसे ही साइबर अपराधी भी नए-नए हथकंडों के साथ सक्रिय हो जाते हैं। इस बार, दिवाली और दशहरे के मौके पर ऑनलाइन ठगी का एक नया ट्रेंड सामने आया है, जिसमें फर्जी वेबसाइट्स और भारी डिस्काउंट के झांसे से लोग बड़ी संख्या में ठगी का शिकार हो रहे हैं।
फर्जी सेल के नाम पर जाल, सोशल मीडिया बना हथियार
साइबर ठग अब ‘मेगा दिवाली सेल’, ‘80% डिस्काउंट’, ‘लिमिटेड टाइम ऑफर’ जैसे लुभावने विज्ञापनों के ज़रिए आम जनता को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। ये विज्ञापन WhatsApp, Instagram, Facebook और Telegram जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बड़ी मात्रा में फैले हुए हैं।
एक बार अगर कोई यूजर इन लिंक पर क्लिक करता है, तो वह सीधे एक फर्जी वेबसाइट पर पहुंच जाता है, जहां उनसे नाम, मोबाइल नंबर, पता, और बैंक डिटेल्स मांगी जाती हैं। एक बार जानकारी मिलने के बाद, साइबर ठग कुछ ही मिनटों में बैंक खाते से पैसे उड़ा लेते हैं।
सावधान रहें, सतर्क रहें: पुलिस की चेतावनी
हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने लोगों से अपील की है कि वे ऑनलाइन खरीदारी करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतें। उन्होंने कहा, “त्योहारी सीजन में लोग छूट और ऑफर्स के लालच में आकर जल्दी निर्णय लेते हैं, जिसका फायदा साइबर अपराधी उठाते हैं। हमेशा सिर्फ विश्वसनीय और आधिकारिक वेबसाइटों से ही खरीदारी करें।”
पुलिस ने यह भी सलाह दी है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी पूरी तरह से जांच करें। URL में छोटे बदलाव, जैसे अतिरिक्त अक्षर या डोमेन नाम में गड़बड़ी, फर्जी वेबसाइट की निशानी हो सकती है।
ठगी होने पर क्या करें?
अगर आप किसी ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत नीचे दिए गए कदम उठाएं:
साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करें
नज़दीकी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराएं
बैंक को सूचित करें और अपने कार्ड या खाते को अस्थायी रूप से ब्लॉक कराएं
सबूतों के रूप में स्क्रीनशॉट, मैसेज और लिंक को सुरक्षित रखें
सुरक्षित ऑनलाइन शॉपिंग के लिए सुझाव:
केवल आधिकारिक ऐप्स या वेबसाइट से खरीदारी करें
भुगतान करते समय UPI या क्रेडिट कार्ड का ही इस्तेमाल करें
संदिग्ध ऑफर या लिंक से दूर रहें
ब्राउज़र में वेबसाइट के आगे “https” चेक करें
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