Last Updated: October 4, 2026

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जेल से बाहर आए आजम खान, सियासी भविष्य को लेकर अटकलें तेज

September 23, 2025

जेल से बाहर आए आजम खान, सियासी भविष्य को लेकर अटकलें तेज

Azam Khan : आजम खान आज 23 महीने बाद सीतापुर की जेल से रिहा हुए। इस दौरान उनका बेटा और बड़ी संख्या में उनके समर्थक उनके स्वागत के लिए उपस्थित रहे।

सुबह 9 बजे होनी थी रिहाई

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की सीतापुर जेल से आज सुबह 9 बजे रिहाई होनी थी, लेकिन अंतिम समय पर कानूनी अड़चनों ने उनकी रिहाई को कुछ घंटों के लिए रोक दिया। सूत्रों के मुताबिक, रामपुर की एक अदालत में एक मामले में लगा जुर्माना समय पर जमा न होने की वजह से उनकी रिहाई टल गई है। अब उम्मीद की जा रही है कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दोपहर 12 से 2 बजे के बीच उन्हें रिहा किया जा सकता है।

जुर्माने की वजह से टली रिहाई
सीतापुर जेल प्रशासन के अनुसार, आजम खान को रामपुर कोर्ट से एक केस में दो धाराओं के तहत कुल 8 हजार रुपए का जुर्माना भरना था, जो जमा नहीं हुआ था। जब तक यह दस्तावेज जेल प्रशासन को नहीं मिल जाते, तब तक रिहाई नहीं हो सकती।

जेल के बाहर समर्थकों की भीड़, लेकिन पुलिस ने रोका
आजम खान के बेटे अदीब आजम खान और उनके सैकड़ों समर्थक सुबह से ही सीतापुर जेल के बाहर मौजूद थे, लेकिन पुलिस-प्रशासन ने जेल परिसर के बाहर भीड़ को रुकने की इजाजत नहीं दी। जेल के बाहर खड़ी गाड़ियों के नंबर पहले ही प्रशासन को दे दिए गए थे, ताकि कोई अव्यवस्था न हो।

23 महीने बाद रिहाई, लेकिन सियासी राह आसान नहीं
आजम खान पिछले 23 महीनों से जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ विभिन्न मामलों में कुल 72 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें अब तक अधिकतर में उन्हें राहत मिल चुकी है। उनकी रिहाई का आदेश मिल चुका है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि जेल से बाहर आने के बाद भी उनकी राजनीतिक राह पहले जैसी आसान नहीं होगी।

सपा से दूरी, बसपा में जाने की अटकलें
आजम खान की रिहाई से ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि क्या वह अब समाजवादी पार्टी में बने रहेंगे या कोई नया राजनीतिक ठिकाना तलाशेंगे। सूत्रों के अनुसार, सपा मुखिया अखिलेश यादव की चुप्पी और बेरुखी से आजम और उनके समर्थक बेहद नाराज हैं।

इसी बीच खबर सामने आई है कि 9 अक्टूबर को लखनऊ में बसपा प्रमुख मायावती एक बड़ा सम्मेलन आयोजित कर रही हैं, और संभावना जताई जा रही है कि आजम खान इसी मंच से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में शामिल हो सकते हैं। हालांकि अभी तक इस पर न आजम खान की ओर से कोई बयान आया है और न ही बसपा ने इस संबंध ने कुछ कहा है।

सपा में ‘आउटसाइडर’ बनते आजम?
एक समय था जब आजम खान समाजवादी पार्टी के स्तंभ माने जाते थे। मुलायम सिंह यादव के करीबी रहे आजम की पार्टी और सरकार में तूती बोलती थी। लेकिन यूपी में बीजेपी की सरकार आने के बाद उन पर मुकदमों की बाढ़ आ गई और पार्टी ने धीरे-धीरे उनसे दूरी बना ली। सपा नेतृत्व ने आजम के जेल में रहने के दौरान कोई बड़ा राजनीतिक या सार्वजनिक समर्थन नहीं दिया, जिससे उनके समर्थकों में नाराजगी है। यही कारण है कि आजम खान की अगली राजनीतिक चाल पर सभी की नजरें टिकी हैं।

 

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