नेशनल डेस्क: भारत ने नाटो (NATO) प्रमुख मार्क रूटे के उस बयान को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से यूक्रेन युद्ध को लेकर बातचीत की है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को साफ कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच ऐसा कोई फोन कॉल या बातचीत कभी नहीं हुई। मंत्रालय ने रूटे के बयान को “तथ्यात्मक रूप से गलत और पूरी तरह से निराधार” बताया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमने नाटो महासचिव मार्क रूटे का बयान देखा है, जिसमें उन्होंने पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच कथित बातचीत का जिक्र किया है। यह दावा पूरी तरह से गलत है। ऐसी कोई बातचीत हुई ही नहीं है।”
#WATCH | Delhi | MEA Official Spokesperson Randhir Jaiswal says, “We have seen the statement by NATO Secretary General Mark Rutte regarding a purported phone conversation between Prime Minister Narendra Modi of India and President Vladimir Putin of Russia. This statement is… pic.twitter.com/cuWzj3SeoB
— ANI (@ANI) September 26, 2025
मार्क रूटे ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान CNN को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ (कर) से भारत प्रभावित हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि इसी कारण पीएम मोदी ने पुतिन से रूस की यूक्रेन नीति को लेकर सफाई मांगी थी।
भारत ने इस दावे को भी खारिज कर दिया और कहा कि नाटो जैसे बड़े और जिम्मेदार संगठन के नेताओं को कोई भी सार्वजनिक बयान देने से पहले तथ्यों की पूरी जांच करनी चाहिए। रणधीर जायसवाल ने आगे कहा, “प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों और उनकी बातचीत को गलत तरीके से पेश करना या ऐसी बातें कह देना जो कभी हुई ही नहीं, यह पूरी तरह से गलत है और इसे हम स्वीकार नहीं कर सकते।”
भारत ने यह भी दोहराया कि वह ऊर्जा (तेल और गैस) आयात को लेकर केवल अपने राष्ट्रीय हित और जनता की आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखता है। भारत का उद्देश्य है कि देशवासियों को सस्ती और भरोसेमंद ऊर्जा मिलती रहे, और इसके लिए वह जरूरत पड़ने पर सभी जरूरी कदम उठाएगा।
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