इंटरनेशनल डेस्क. पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पिछले एक हफ्ते से रुक-रुककर चल रहे संघर्ष पर अब 48 घंटे का अस्थायी युद्धविराम लग गया है। इसके लिए दोनों ने सहमति जताई है। यह युद्धविराम बुधवार शाम 6 बजे से लागू हो गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देशों की सरकारों ने यह कदम सीमा पर लगातार हो रही झड़पों के बाद हालात को शांत करने और तनाव कम करने के लिए उठाया है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि दोनों देश इस जटिल लेकिन सुलझने योग्य मसले का शांतिपूर्ण हल निकालने के लिए गंभीर और ईमानदार प्रयास करेंगे। इस युद्धविराम का मकसद राजनयिक बातचीत को आगे बढ़ाना, सीमा पर हिंसा रोकना और जान-माल की हानि से बचाव करना है।
भारी नुकसान
पिछले कुछ दिनों में दोनों देशों की सीमा पर हुई झड़पों में कई सैनिकों और नागरिकों की मौत हुई है। इसके अलावा आवासीय इलाकों में भी काफी नुकसान हुआ है। अफगानिस्तान के कंधार शहर के अस्पताल स्टाफ ने बताया कि अब तक 25 शव और 80 से अधिक घायल अस्पतालों में लाए गए हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
तालिबान का दावा
अफगानिस्तान के तालिबान प्रशासन के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने दावा किया कि पिछले हफ्ते अफगानी बलों की जवाबी कार्रवाई में 58 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और 30 घायल हुए। इस कार्रवाई में 20 पाकिस्तानी सुरक्षा चौकियां नष्ट की गईं और कई हथियार जब्त किए गए।
ISIS-K पर भी दिया बयान
मुजाहिद ने आगे बताया कि अफगानिस्तान में ISIS-K पर बड़ी जीत के बाद यह संगठन अब पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा इलाके में अपने ठिकाने बना रहा है। हाल ही में हुए ISIS-K के कई हमले इन्हीं ठिकानों से किए गए हैं। तालिबान प्रवक्ता ने पाकिस्तान सरकार से अपील की कि ISIS-K के प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार कर काबुल को सौंपा जाए ताकि इस खतरे को खत्म किया जा सके।
शांति की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि यह 48 घंटे का युद्धविराम दोनों देशों के बीच संवाद शुरू करने का एक मौका है। अगर यह पहल सफल रही तो सीमा क्षेत्र में लंबे समय से जारी तनाव को कम करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...