नेशनल डेस्क: छत्तीसगढ़ में 170 नक्सलियों ने आज आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर को नक्सलमुक्त घोषित कर दिया गया है। इस आत्मसमर्पण के साथ नक्सलवाद के खिलाफ जारी सरकार की लड़ाई में एक बड़ी सफलता मिली है। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसें ले रहा है।
गृहमंत्री अमित शाह ने इस मौके पर कहा कि पिछले दो दिनों में, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में मिलाकर कुल 258 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। बुधवार को महाराष्ट्र में 61 नक्सलियों ने सरेंडर किया था, जबकि छत्तीसगढ़ में 27 नक्सलियों ने हथियार डाल दिए थे। इसके साथ ही गृहमंत्री ने यह भी बताया कि अब तक इस साल जनवरी से 1809 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है और इस संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर इस उपलब्धि का जिक्र करते हुए लिखा, “नक्सलवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में आज का दिन ऐतिहासिक है। 170 नक्सलियों का आत्मसमर्पण यह दिखाता है कि हमारी सरकार नक्सलवाद के खिलाफ कितनी गंभीर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसें ले रहा है।”
नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में बड़ी सफलता!
छत्तीसगढ़ में आज 170 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, कल 27 ने हथियार डाले थे। महाराष्ट्र में भी कल 61 नक्सली हथियार त्याग कर मुख्यधारा में लौटे। पिछले दो दिनों में कुल 258 वामपंथी उग्रवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ा है।
हिंसा छोड़कर…
— Amit Shah (@AmitShah) October 16, 2025
गृहमंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की नीति को स्पष्ट करते हुए कहा, “जो लोग आत्मसमर्पण करना चाहते हैं, उनका स्वागत है। लेकिन जो लोग हिंसा का रास्ता नहीं छोड़ेंगे, उन्हें हमारी सेना का सामना करना पड़ेगा।” उन्होंने उन नक्सलियों से अपील की जो अभी भी हिंसा में लिप्त हैं कि वे आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में शामिल हो जाएं।
गृहमंत्री शाह ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर, जो कभी नक्सलियों के ठिकाने थे, अब पूरी तरह से नक्सलमुक्त हो गए हैं। उन्होंने यह आश्वासन भी दिया कि दक्षिणी बस्तर में जल्द ही नक्सलवाद का सफाया कर दिया जाएगा। अमित शाह ने आगे कहा, “हम 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” इसके अलावा, मंत्रालय ने यह भी बताया कि नक्सलवाद से प्रभावित जिलों की संख्या अब घटकर केवल तीन रह गई है, बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर। पहले यह संख्या छह थी।
अब तक 312 नक्सली मारे गए, जिनमें भाकपा (माओवादी) के महासचिव सहित प्रमुख नेता शामिल हैं। 836 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया। 1,639 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, और अब तक कुल 1809 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में वापस आने का निर्णय लिया है। इस तरह से, छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पर काबू पाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के परिणामस्वरूप स्थिति में सुधार हो रहा है, और नक्सलियों की संख्या लगातार घट रही है।
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