Last Updated: September 21, 2026

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दिवाली के बाद पंजाब में सांस लेना हुआ मुश्किल, ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंचा इन इलाकों का AQI

October 21, 2025

दिवाली के बाद पंजाब में सांस लेना हुआ मुश्किल, ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंचा इन इलाकों का AQI

चंडीगढ़: दिवाली के जश्न के तुरंत बाद पंजाब के कई शहर जहरीली हवा की चपेट में आ गए हैं। सोमवार रात को जैसे ही पटाखों की आतिशबाज़ी शुरू हुई, राज्य के विभिन्न इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में तेज़ी से वृद्धि दर्ज की गई। कुछ ही घंटों में हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुँच गई, जिससे आम जनजीवन पर प्रतिकूल असर पड़ा।

राज्य के पर्यावरण विभाग की निगरानी रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार रात 8 बजे तक पंजाब का औसत AQI 114 था, जो सामान्य माना जाता है। लेकिन पटाखे फूटने के बाद स्थिति तेजी से बिगड़ी 9 बजे तक AQI 153 हुआ, 10 बजे यह 309 पर पहुँच गया और रात 11 बजे तक यह बढ़कर 325 हो गया। कई शहरों में आधी रात के बाद AQI 500 तक पहुँच गया, जो हवा की सबसे खतरनाक स्थिति को दर्शाता है।

लुधियाना, अमृतसर, पटियाला और जालंधर सर्वाधिक प्रभावित

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा संचालित आठ निगरानी केंद्रों में सबसे खराब स्थिति लुधियाना, अमृतसर, पटियाला और जालंधर में देखी गई। इन इलाकों में PM2.5 और PM10 के कणों का स्तर सुरक्षित सीमा से चार से पाँच गुना अधिक दर्ज किया गया। हवा में फैले जहरीले धुएँ की मोटी परत ने लोगों को आँखों में जलन, खाँसी और साँस की दिक्कतें दीं।

सरकारी समय सीमा के बावजूद रातभर चली आतिशबाजी

हालाँकि सरकार ने दिवाली पर पटाखे फोड़ने के लिए रात 8 से 10 बजे तक की समय सीमा तय की थी, लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग दिखी। अधिकांश शहरों में देर रात तक आतिशबाजी चलती रही, जिससे प्रदूषण में भारी इजाफा हुआ।

पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेताया है कि वायु में मौजूद महीन धूलकण (PM2.5) फेफड़ों तक पहुँचकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ उत्पन्न कर सकते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस की बीमारी झेल रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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बंदी छोड़ दिवस पर और बढ़ेगा प्रदूषण

दिवाली के अगले दिन पंजाब के सिख समुदाय द्वारा बंदी छोड़ दिवस मनाया जाता है, जिसमें फिर से आतिशबाज़ी की जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे वायु गुणवत्ता और बिगड़ सकती है। साथ ही पराली जलाने की बढ़ती घटनाएँ भी हवा को और जहरीला बना रही हैं।

दो दिनों तक रह सकती है खतरनाक स्थिति

मौसम विभाग के अनुसार, हवा की गति बेहद धीमी है, जिससे प्रदूषक तत्व वातावरण में ही बने रहेंगे। अगर मौसम में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दो दिनों तक प्रदूषण का स्तर ‘गंभीर’ बना रह सकता है।

स्वास्थ्य सलाह:

सरकारी एजेंसियों और डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि वे बाहर निकलने से बचें, विशेष रूप से सुबह के समय व्यायाम या सैर न करें। घर के अंदर रहकर एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें और यदि आवश्यक हो, तो N95 मास्क पहनें।

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