नेशनल डेस्क: कर्नाटक के आवास और शहरी विकास मंत्री जमीर अहमद खान इन दिनों एक वायरल ऑडियो क्लिप को लेकर चर्चा में हैं। इस ऑडियो में वे कथित तौर पर एक पुलिस अधिकारी से अपने रिश्तेदार की मदद करने की बात करते सुनाई दे रहे हैं। मामला एक धोखाधड़ी (Fraud) से जुड़ा है, जो राज्य के पेरेसांद्रा पुलिस थाने में दर्ज है।
क्या है मामला ?
पेरेसांद्रा थाना क्षेत्र के स्थानीय किसानों ने हैदराबाद के तीन ट्रेडर्स अब्दुल रजाक, अकबर पाशा और नसीर अहमद पर मक्का (कॉर्न) खरीदने के बाद भुगतान न करने का आरोप लगाया है। किसानों का कहना है कि इन व्यापारियों ने फरवरी से जुलाई के बीच बड़ी मात्रा में मक्का खरीदा, लेकिन पूरी रकम का भुगतान नहीं किया। इस मामले में पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 318 के तहत FIR दर्ज की है।
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ऑडियो क्लिप
रिपोर्ट के अनुसार, वायरल ऑडियो में मंत्री जमीर अहमद खान को पेरेसांद्रा थाने के अफसर जगदीश रेड्डी से बात करते हुए सुना जा सकता है। मंत्री कहते हैं कि हैलो भाई, हैदराबाद से कोई है… अकबर पाशा मेरा रिश्तेदार है। मैंने सुना है कि उसे किसी वित्तीय मामले में बुलाया गया है। हां, उसने पैसे लिए थे, लेकिन मामला इतना बड़ा नहीं है, जितना बताया जा रहा है। प्लीज, उसकी थोड़ी मदद कर दो भाई, वो हमारे लिए जरूरी इंसान है। क्या किया जा सकता है?
पुलिस अफसर जगदीश रेड्डी ने कहा- हमने उन्हें पहले ही मौका दिया था कि वे मामला सुलझा लें। अगर दोनों पक्ष मान जाएं और बकाया रकम चुका दी जाए तो केस बंद किया जा सकता है। यह अब ईगो का मामला बन गया है, कोई भी पक्ष पीछे नहीं हट रहा। इसके बाद मंत्री फिर कहते हैं कि कृपया उन्हें एक और मौका दीजिए, कुछ दिनों का समय दीजिए। पुलिस अधिकारी जवाब देते हैं कि ठीक है, अगर वे यहां आकर मामला निपटाने को तैयार हों, तो मैं क्लियर कर दूंगा।इस पर मंत्री कहते हैं कि ठीक है, ठीक है।
हर तरफ हो रही चर्चा
यह ऑडियो सामने आने के बाद कर्नाटक की सियासत में हलचल मच गई है। विपक्षी दल इसे राजनीतिक दबाव डालने का मामला बता रहे हैं, जबकि मंत्री की ओर से अब तक कोई औपचारिक बयान नहीं आया है।
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