Cyclone Montha : बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात ‘मोन्था’ अब भीषण रूप लेता जा रहा है। सोमवार शाम तक यह आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों से टकराने लगा, जिसके साथ तेज हवाएं और मूसलाधार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। मौसम विभाग ने इसे गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका जताई है, जबकि कई तटीय जिलों में बिजली और संचार व्यवस्था प्रभावित होने की खबरें आ रही हैं।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) और इंडियन नेशनल सेंटर फॉर ओशन इंफॉर्मेशन सर्विसेज (INCOIS) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि समुद्र में 2 से 4.7 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं। हवाओं की रफ्तार 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक अगले पांच दिनों तक आंध्र प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी वर्षा की संभावना है।
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IMD ने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा, कोनासीमा, पश्चिम गोदावरी, कृष्णा, बापटला, प्रकाशम और नेल्लोर जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया है। वहीं, ओडिशा के दक्षिणी जिलों मलकानगिरी, कोरापुट, कालाहांडी, गजपति, नबरंगपुर, बलांगीर, कंधमाल और गंजम में भी भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) के प्रमुख प्रखर जैन ने बताया कि “चक्रवात का असर शुरू हो चुका है, तटीय इलाकों में तेज हवाएं और मूसलाधार बारिश जारी है। सभी जिलों में नियंत्रण कक्ष सक्रिय हैं और राहत टीमें तैनात कर दी गई हैं।”
#WATCH | Andhra Pradesh: Rainfall lashes Vijayawada amid Cyclone Montha. Several parts of the city are experiencing heavy showers. pic.twitter.com/PgUpOBAuUb
— ANI (@ANI) October 28, 2025
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें फोन कर हालात की समीक्षा की और पूर्ण केंद्रीय सहायता का आश्वासन दिया। नायडू ने कहा, “राज्य सरकार सभी तैयारियों के साथ जुटी है। राहत शिविर, मेडिकल टीमें और फील्ड अधिकारी चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।” केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को राहत कार्यों में जुटने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार “हर प्रभावित राज्य के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेगी।”
दक्षिण मध्य रेलवे ने तूफान से संभावित नुकसान को देखते हुए सभी नियंत्रण कक्षों को 24 घंटे सक्रिय रखा है। महाप्रबंधक संजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि “गश्ती दल पटरियों, पुलों और महत्वपूर्ण ढांचों की लगातार जांच कर रहे हैं।” विजयवाड़ा, राजमुंदरी, काकीनाडा, भीमवरम और तेनाली जैसे प्रमुख स्टेशनों पर हेल्प डेस्क, मेडिकल टीम और रिफंड काउंटर सक्रिय कर दिए गए हैं। रेलवे ने राज्य आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया है ताकि राहत कार्यों में कोई बाधा न आए।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे समुद्र तटों से दूर रहें, अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक चैनलों से प्राप्त सूचनाओं पर भरोसा करें। स्कूल-कॉलेजों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं, और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
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