Last Updated: September 25, 2026

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आग के खतरे में पानीपत: 20 हजार फैक्ट्रियां बिना फायर एनओसी के चल रहीं

November 11, 2025

आग के खतरे में पानीपत: 20 हजार फैक्ट्रियां बिना फायर एनओसी के चल रहीं

पानीपत। औद्योगिक नगरी पानीपत मानो आग के गोले पर बैठी हुई है। शहर की गलियों और घनी आबादी के बीच 20 हजार से अधिक छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां चल रही हैं, जिनके पास न तो फायर एनओसी है और न ही आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम।

दमकल विभाग के अनुसार, सिर्फ 300 फैक्ट्रियों के पास ही फायर एनओसी है, जबकि कई फैक्ट्रियां ऐसी हैं जो एनओसी के मानक पूरे ही नहीं करतीं। हैरानी की बात यह है कि अब तक किसी भी फैक्ट्री मालिक को नोटिस तक जारी नहीं किया गया।

रविवार को जाटल रोड स्थित न्यू मॉडल टाउन कॉलोनी में आबादी के बीच फैक्ट्री में लगी आग ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। भीड़-भाड़ वाले इलाकों में फैक्ट्रियों का संचालन न केवल सुरक्षा मानकों की अनदेखी दिखाता है, बल्कि हजारों लोगों की जान को भी खतरे में डाल रहा है।

जिले में करीब 37 हजार फैक्ट्रियां हैं, जिनमें से 20 हजार शहरी क्षेत्र में आती हैं। इनमें अधिकतर छोटी इकाइयां हैं, जिनमें ही गोदाम भी बनाए गए हैं, लेकिन न तो फायर सिस्टम हैं और न ही लाइसेंस। विभागीय लापरवाही के कारण अब तक किसी की जांच नहीं की गई और न ही कोई कार्रवाई हुई।

इन क्षेत्रों में सबसे अधिक फैक्ट्रियां
काबड़ी रोड, वार्ड-11, बरसत रोड, नूरवाला, शिव नगर, जाटल रोड, कृष्णपुरा, पुराना चांदनीबाग, बबैल रोड और भारत नगर — इन इलाकों में बड़ी संख्या में छोटी फैक्ट्रियां और गोदाम संचालित हैं।

हर साल लगती हैं 600 से अधिक आगें
दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पानीपत में हर वर्ष 550 से 600 आग लगने की घटनाएं दर्ज होती हैं, जिनमें अधिकांश घटनाएं फैक्ट्रियों और गोदामों में होती हैं।

गुरमेल सिंह, जिला अग्निशमन अधिकारी ने बताया, “फैक्ट्रियों की एनओसी अब ऑनलाइन होती है। अधिकतर लोग मानक पूरे न कर पाने के कारण आवेदन नहीं करते। विभाग ने अब तक करीब 300 फैक्ट्रियों को एनओसी जारी की है।”

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