
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस को नई ऊंचाई पर पहुंचाते हुए राजस्व विभाग को पारदर्शी और भ्रष्टा चार मुक्त बना दिया है।राज्य की दो प्रमुख पहलें-ईजी रजिस्ट्री और ईजी जमाबंदी-अब डिजिटल पंजाब की नई पहचान बन चुकी हैं।
मई 2025 में मोहाली से शुरू हुई ईजी रजिस्ट्री सेवा अगस्त तक पूरे राज्य में लागू होचु की है।इस के जरिये अब कोई भी नागरिक घर बैठे ऑनलाइन संपत्ति पंजीकरण कर सकता है। भुगतान भी ऑनलाइन गेट वेसे होता है और पूरी प्रक्रिया 48 घंटे में पूरी हो जाती है। नागरिक 1076 हेल्पलाइन पर कॉल करके दस्तावेज़ कलेक्शन सेवा भी पा सकते हैं।
इसी तरह जून 2025 में लॉन्च हुई ईजी जमाबंदी सेवा ने किसानों और आम नागरिकों को बड़ी राहत दी है। easyjamabandi.punjab.gov.in पोर्टल या व्हाट्सएप के ज़रिये अब डिजिटल साइन और क्यूआर कोड युक्त फ्री कॉपी कुछ ही मिनटों में मिल जाती है। इंतकाल की प्रक्रिया भी अब 30 दिनों में पूरी हो जाती है। राज्य के 99% गांवों के भूमि रिकॉर्ड डिजिटाइज्ड हो चुके हैं। एनआरआई, बुजुर्गों और किसानों के लिए यह सुविधा खासतौर पर उपयोगी साबित हो रही है।
सरकार के मुताबिक इन सेवाओं से हर साल जनता को 100 करोड़ रुपये से अधिक की बचत हो रही है। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि “डिजिटल पारदर्शिता ही सच्चा सुशासन है।” पंजाब अब ई-गवर्नेंस का आदर्श मॉडल बनकर उभरा है, जहां रिश्वत और देरी की संस्कृति अतीत की बात बन चुकी है।
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