जम्मू-कश्मीर डेस्क: दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए धमाके के बाद पुलिस ने जिस व्यक्ति को संदिग्ध बताया है। उसके परिवार ने इन आरोपों पर अविश्वास जताया है। संदिग्ध की पहचान जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के कोइल गांव निवासी डॉ. उमर नबी के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, सोमवार शाम हुए इस भीषण धमाके में कम से कम 12 लोगों की मौत हुई थी, जांच में सामने आया कि धमाका हुंडई i20 कार में हुआ, जिसे डॉ. उमर खुद चला रहे थे।
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डॉ. उमर की भाभी मुजम्मिला अख्तर ने बताया कि उमर बचपन से ही बेहद संकोची और पढ़ाई में गंभीर रहने वाले इंसान थे। वह कभी ज्यादा मेलजोल नहीं रखते थे और अपना ज्यादा समय पढ़ाई और काम में बिताते थे। हमने बड़ी मुश्किलों से उन्हें पढ़ाया ताकि वो परिवार का सहारा बन सकें। हमें यकीन नहीं होता कि उमर किसी आतंकी गतिविधि से जुड़ सकते हैं। उन्होंने तो हमेशा मेहनत और ईमानदारी से काम किया।
परिवार के मुताबिक, उमर इस समय फरीदाबाद के एक कॉलेज में फैकल्टी के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने शुक्रवार को फोन करके कहा था कि परीक्षा चल रही है, इसलिए वह तीन दिन बाद घर लौटेंगे। उमर आखिरी बार दो महीने पहले कश्मीर आए थे।
जांच में सामने आए विस्फोटक पदार्थ
दिल्ली पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि धमाके में अमोनियम नाइट्रेट, फ्यूल ऑयल और डिटोनेटर का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस को शक है कि यह फरीदाबाद में हाल ही में पकड़े गए आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा हो सकता है। उसी मामले में पुलिस ने 2,900 किलो विस्फोटक और ज्वलनशील पदार्थ बरामद किए थे।
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मामला अब NIA के हवाले
दिल्ली पुलिस ने इस धमाके के मामले में यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम) और विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। अब इस मामले की जांच की जिम्मेदारी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है। फिलहाल, NIA और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है। वहीं उमर नबी के परिवार का कहना है कि उन्हें पूरा भरोसा है कि सच्चाई सामने आने पर उमर निर्दोष साबित होंगे।
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