करनाल। शनिवार देर रात लाड़वा रोड पर खानपुर गांव के पास एक तेज रफ्तार कार अचानक नियंत्रण खो बैठी। कार डिवाइडर से टकराने के बाद सीधे सामने से आ रहे ट्रॉला से जा भिड़ी। टक्कर इतनी तेज थी कि कुछ देर तक कोई भी हादसे की सही स्थिति समझ नहीं पाया।
कार में सवार यशविन और उसका दोस्त हिमांशु अंदर ही फंस गए। राहगीरों ने वाहन के टूटे हिस्से हटाकर दोनों को बाहर निकाला। ट्रॉला चालक रामप्रसाद भी केबिन में दब गया था, जिसे खिड़की तोड़कर निकाला गया। तीनों को तुरंत करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज ले जाया गया।
इलाज़ के दौरान रविवार सुबह यशविन और ट्रॉला चालक रामप्रसाद की मौत हो गई। हिमांशु की हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे एम्स दिल्ली रेफर किया। पुलिस ने रामप्रसाद का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। वहीं, यशविन का पोस्टमार्टम उसकी बहन के कनाडा से लौटने तक रोक दिया गया है।
परिजनों के अनुसार, यशविन इंद्री में इमिग्रेशन ऑफिस में काम करता था और रात को ड्यूटी से घर लौट रहा था। उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका है, जबकि घर में वृद्ध मां अकेली हैं। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में सड़क सुरक्षा और रफ्तार को लेकर नई चिंता पैदा हो गई है। पुलिस अब दुर्घटना के तकनीकी कारणों की गहन जांच कर रही है।
हादसे में घायल यशविन और ट्रॉला चालक रामप्रसाद की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। हिमांशु को गंभीर हालत में दिल्ली भेजा गया है। यशविन का पोस्टमार्टम उसकी बहन के लौटने पर किया जाएगा। जांच जारी है। — विपिन कुमार, थाना प्रभारी, इंद्री