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AICTE मुख्यालय से हुआ स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2025 का देशभर में आगाज

December 8, 2025

AICTE मुख्यालय से हुआ स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2025 का देशभर में आगाज

नई दिल्ली: अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) और शिक्षा मंत्रालय की नवाचार प्रकोष्ठ (एमआईसी) द्वारा स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (एसआईएच) 2025 के आठवें संस्करण के ग्रैंड फिनाले का राष्ट्रव्यापी शुभारंभ आज एआईसीटीई मुख्यालय, नई दिल्ली से किया गया। यह छात्र-केन्द्रित देश का सबसे बड़ा नवाचार महोत्सव है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय महत्व की वास्तविक समस्याओं के लिए तकनीकी समाधान विकसित करना है।

कार्यक्रम का उद्घाटन एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रो. टी. जी. सीताराम ने किया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष डॉ. अभय जेरे, सदस्य सचिव डॉ. श्यामा रथ, एसबीआई फाउंडेशन के प्रबंध निदेशक श्री स्वपन धर, टीसीएस के हेड एकेडेमिक एलायंस डॉ. सुचेंद्र और आई4सी के सचिव डॉ. प्रताप सनप उपस्थित थे। इसके साथ ही 42 सॉफ्टवेयर और 18 हार्डवेयर नोडल केन्द्रों समेत कुल 60 केन्द्रों पर देश भर में एक साथ नवाचार मैराथन की शुरुआत हुई। यहाँ फाइनलिस्ट टीमें अगले दो दिनों तक लगातार कोडिंग और प्रोटोटाइप निर्माण में जुटेंगी।

अपने उद्घाटन संबोधन में प्रो. टी.जी. सीताराम ने कहा कि भारत ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है और नवाचार इसका प्रमुख आधार बन चुका है। उन्होंने कहा कि एसआईएच युवा नवाचारकर्ताओं की रचनात्मकता, प्रतिबद्धता और आकांक्षाओं का प्रतीक है, जो आत्मनिर्भर भारत को सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने 36 घंटे चलने वाले हैकाथॉन के प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।

इस दौरान डॉ. अभय जेरे ने बताया कि इस वर्ष दो लाख से अधिक मूल्यांकन किए गए, जो एसआईएच के बढ़ते पैमाने और प्रभाव को दर्शाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस कार्यक्रम का अनुभव छात्रों के शैक्षणिक व व्यावसायिक जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाएगा। सदस्य सचिव डॉ. श्यामा रथ ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि एसआईएच छात्रों को देश की समस्याओं के लिए प्रभावी तकनीकी समाधान विकसित करने के लिए लगातार प्रेरित करता रहा है।

इस दौरान उद्योग जगत के साझेदार भी कार्यक्रम में जुड़े और प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ाया।

  • एसबीआई फाउंडेशन के प्रबंध निदेशक श्री स्वपन धर ने कहा कि नवाचार-आधारित समाधान विकसित कर एसआईएच सीधे तौर पर एक मजबूत और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देता है।
  • टीसीएस के हेड–एकेडेमिक एलायंस डॉ. सुचेंद्र ने कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था नवाचार-केन्द्रित राष्ट्र निर्माण की ओर तेजी से परिवर्तित हो रही है।
  • आई4सी के सचिव डॉ. प्रताप सनप ने उद्योग-शिक्षा सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया और एसआईएच को सच्ची टेक्निकल पैरेंटिंग पहल बताया।

इस वर्ष एसआईएच को अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली है, जिसने इसे देश की सबसे प्रभावशाली छात्र नवाचार पहल के रूप में और सुदृढ़ किया है। इस बार 58 केंद्रीय मंत्रालयों एवं विभागों, 15 राज्य विभागों और 7 सार्वजनिक उपक्रमों एवं कॉर्पोरेट साझेदारों से कुल 271 प्रॉब्लम स्टेटमेंट प्राप्त हुए थे, जो राष्ट्रीय स्तर पर सामूहिक प्रयास को दर्शाता है।

पूरे देश से 68,766 छात्र टीमों द्वारा 72,165 नवाचार आइडिया भेजे गए। बहु-स्तरीय कठोर मूल्यांकन के बाद 1,360 श्रेष्ठ टीमों का ग्रैंड फिनाले के लिए चयन किया गया। इनमें 201 शहरों और 727 संस्थानों के 8,160 छात्र शामिल हैं, जिन्हें 1,365 शैक्षणिक एवं औद्योगिक विशेषज्ञ मार्गदर्शन दे रहे हैं। विशेष रूप से, एसआईएच 2025 में महिलाओं की भागीदारी रिकॉर्ड स्तर पर रही। इस बार 2,993 महिला फाइनलिस्ट हैं जिनमें 53 पूर्णतः महिला टीम हैं। इस वर्ष के प्राब्लम स्टेटमेंट रक्षा, अंतरिक्ष, साइबर सुरक्षा, मेड-टेक, नवीकरणीय ऊर्जा, ड्रोन एवं रोबोटिक्स, स्मार्ट ऑटोमेशन, एग्री-टेक, स्मार्ट एजुकेशन सहित कई उभरते क्षेत्रों से संबंधित हैं, जो नवाचार-चालित विकास पर भारत के रणनीतिक फोकस को दर्शाते हैं।

पिछले आठ वर्षों में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन एक राष्ट्रीय नवाचार पाइपलाइन के रूप में विकसित हुआ है, जिसने उच्च शिक्षा प्रणाली को वास्तविक समस्याओं के समाधान विकसित करने में सक्षम बनाया है। मंत्रालयों, उद्योग जगत और शैक्षणिक संस्थानों की सक्रिय भागीदारी के साथ एसआईएच 2025 भारत को नवाचार-प्रधान राष्ट्र के रूप में नई ऊँचाई देने और अगले पीढ़ी के तकनीकी नेतृत्वकर्ताओं को तैयार करने की दिशा में और मजबूत कदम साबित होगा।

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