करनाल। रोहतक पीजीआई के अनुबंधित कर्मचारियों का आंदोलन सोमवार को अचानक तेज हो गया, जब जिला सचिवालय के बाहर प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ तीखी नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया। मामला तब और गर्माया जब सैकड़ों कर्मचारी पैदल ही चंडीगढ़ की ओर कूच कर गए।
1271 कर्मचारी जून से हड़ताल पर हैं और 3 अक्तूबर से करनाल में डटे हुए हैं। एसोसिएशन पदाधिकारियों अभिषेक और महेश ने बताया कि कर्मचारी 26 सितंबर को रोहतक से पैदल चंडीगढ़ जा रहे थे, लेकिन 29 सितंबर को करनाल में प्रशासन ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद 1 अक्तूबर से सचिवालय के सामने धरना जारी है।
कर्मचारियों का आरोप है कि करनाल प्रशासन ने पाँच दिनों के भीतर मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने का जो वादा किया था, वह झूठा निकला। दो महीने से अधिक समय से आंदोलन जारी है और कर्मचारियों में तीखा रोष उभर आया है। नेताओं ने साफ कहा कि इस बार वे किसी दबाव में पीछे नहीं हटेंगे।
कर्मचारी रोहतक पीजीआई के अनुबंधित स्टाफ को हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) से जोड़ने की मांग कर रहे हैं। एसोसिएशन का तर्क है कि अन्य विभागों के कर्मचारियों को एचकेआरएन में शामिल किया गया है, फिर पीजीआई कर्मचारियों के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है।
प्रदर्शन स्थल पर सतीश, सचिन, बलराज, अशोक, मनीष, निर्मला, परीक्षित, संजय और सीमा सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।
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