पावरलिफ्टिंग में सात बार नेशनल चैंपियन रहे रोहित धनखड़ की हत्या के मामले में परिजनों का धैर्य अब जवाब दे गया है। स्थानीय पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट होकर मंगलवार को रोहित का परिवार न्याय की मांग लेकर पंचकूला स्थित पुलिस मुख्यालय पहुंचा, जहां उन्होंने हरियाणा के डीजीपी ओपी सिंह से मुलाकात की।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना 28 नवंबर की है, जब रोहित अपने दोस्त जतिन के साथ भिवानी में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। वहां बरात में आए कुछ युवकों के साथ उनकी कहासुनी हो गई। आरोप है कि बाद में इन्हीं युवकों ने रोहित का रास्ता रोककर उन पर जानलेवा हमला कर दिया। बुरी तरह घायल रोहित ने पीजीआई में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
10 दिन बाद भी हाथ खाली
परिजनों का आरोप है कि घटना के 10 दिन बीत जाने और सीसीटीवी फुटेज मुहैया कराने के बावजूद पुलिस के हाथ खाली हैं। इससे पहले, गांव हुमायुंपुर की पंचायत और परिवार के सदस्य भिवानी के एसपी सुमित कुमार से मिले थे, लेकिन वहां सिर्फ आश्वासन मिला। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से परिवार में भारी रोष है।
रोहित के चाचा कप्तान सिंह ने बताया कि स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने के बाद अब उन्होंने डीजीपी को पूरी स्थिति से अवगत कराया है। परिवार का कहना है कि प्रशासन से यह उनकी आखिरी उम्मीद है।