गुरुग्राम। 27 नवंबर से रहस्यमय तरीके से गायब हुई जावेदा खातून की गुमशुदगी का राज आखिरकार खुल गया है। पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि उसकी हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसके ही परिचित संजय ने की थी। पुलिस का कहना है कि दोनों के बीच निजी संबंधों को लेकर तनाव था, जिसके चलते विवाद इतना बढ़ा कि घटना ने हिंसक रूप ले लिया।
जांच के अनुसार, जावेदा उस रात संजय से मिलने सुशांत लोक स्थित उसके कमरे पर पहुँची थी। मुलाकात के दौरान उनमें कहासुनी हुई और गुस्से में संजय ने जावेदा की जान ले ली। वारदात के कुछ समय बाद उसने शव को इलाके की एक सुनसान जगह पर मिट्टी में दबाकर छुपा दिया।
रविवार दोपहर राहगीरों की सूचना पर पुलिस इफको चौक मेट्रो स्टेशन के पास शराब ठेके के पीछे खाली पड़ी जमीन तक पहुँची। टीम ने जब मिट्टी को हटाया, तो एक महिला का शव आंशिक रूप से बाहर दिखाई दिया। मौके पर एफएसएल और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों को बुलाया गया और शव को कब्जे में लेकर पहचान की प्रक्रिया शुरू हुई।
पहचान होने के बाद पुलिस ने तकनीकी सुराग और कॉल रिकॉर्ड की मदद से सोमवार को 26 वर्षीय संजय को पकड़ लिया। वह मूल रूप से कोटपूतली (राजस्थान) का रहने वाला है और गुरुग्राम में एसी रिपेयरिंग करता है। वह अपने ताऊ के साथ सुशांत लोक में रहता था।
जावेदा असम के दारांग से थी और हाल ही में सुखराली क्षेत्र में अपनी एक महिला सहेली के साथ किराये के कमरे में रह रही थी। उसकी सहेली ने 1 दिसंबर को सेक्टर-18 थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि जावेदा 27 नवंबर की शाम संजय से मिलने गई थी और दो घंटे में लौटने की बात कहकर निकली थी—लेकिन उसके बाद उसका फोन बंद हो गया।
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में संजय ने अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस अब घटना से जुड़े अन्य तकनीकी प्रमाण और हालात की जांच कर रही है।
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