Last Updated: October 1, 2026

Dainik Savera Times Logo

बड़ा हादसाः चार मंजिला हिंदू मंदिर भरभराकर ढहा, 2 की मौत, कई लोग मलबे में दबे

December 13, 2025

बड़ा हादसाः चार मंजिला हिंदू मंदिर भरभराकर ढहा, 2 की मौत, कई लोग मलबे में दबे

इंटरनेशनल डेस्क। दक्षिण अफ्रीका के डरबन शहर के उत्तर में स्थित भारतीय आबादी वाले इलाके रेडक्लिफ में शुक्रवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। यहां बन रहा एक चार मंजिला मंदिर अचानक भरभरा कर गिर गया। इस हादसे में अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे के समय मंदिर की छत पर कंक्रीट डाली जा रही थी। एक मजदूर छत पर काम कर रहा था। जैसे ही कंक्रीट डाला गया, पूरी इमारत अचानक कमजोर पड़ गई और कुछ ही सेकेंड में ढह गई। मजदूर समेत कई लोग इसके नीचे दब गए। इसी मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की खबर सुनते ही भक्त को पड़ा दिल का दौरा
मंदिर गिरने के बाद एक 54 वर्षीय भक्त की भी मौत हो गई। वह अपने परिवार के साथ मंदिर में मौजूद थे। हादसे की खबर सुनते ही वे मंदिर तक जाने के लिए खड़ी ढलान पर तेजी से चढ़े। वहां पहुंचते ही उन्हें तेज दिल का दौरा पड़ा। पैरामेडिक्स ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

रात भर चला बचाव अभियान
घटना के बाद तुरंत बचाव कार्य शुरू किया गया। रात करीब 12 बजे तक राहत और बचाव का काम चलता रहा। हालांकि, खराब रोशनी और लगातार गिरने के खतरे को देखते हुए बचाव कार्य रोकना पड़ा। बचाव दल ने बताया कि शनिवार सुबह सूरज निकलते ही फिर से राहत कार्य शुरू किया जाएगा।

मलबे में दबे व्यक्ति का फोन बजता रहा
हादसे के बाद एक व्यक्ति का मोबाइल फोन काफी देर तक मलबे के अंदर बजता रहा। इसी फोन की आवाज के आधार पर उसकी लोकेशन का अंदाजा लगाकर बचाव की कोशिश की गई। लेकिन देर रात तक फोन बंद हो गया, जिससे चिंता और बढ़ गई।

कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका
अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि मलबे में कितने मजदूर और मंदिर से जुड़े लोग दबे हुए हैं। मौके पर मौजूद बचावकर्मियों ने घबराए परिजनों को हिम्मत देते हुए कहा कि पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां लोग दो-तीन दिन बाद भी जिंदा बाहर निकाले गए हैं। उन्होंने लोगों से उम्मीद बनाए रखने की अपील की है।

नगर निगम ने निर्माण को बताया अवैध
ई-थेक्विनी नगर निगम (पूर्व में डरबन नगर निगम) ने बताया कि इस मंदिर के निर्माण के लिए कोई भी बिल्डिंग प्लान मंजूर नहीं किया गया था। यानी मंदिर का निर्माण पूरी तरह से अवैध था। मंदिर का नाम अहोबिलम टेम्पल ऑफ प्रोटेक्शन बताया गया है।

भारत से मंगाए गए पत्थरों का हो रहा था इस्तेमाल
मंदिर को गुफा जैसा रूप देने के लिए भारत से मंगाए गए पत्थरों और खुदाई में निकले पत्थरों का इस्तेमाल किया जा रहा था। ये पत्थर पहली मंजिल पर लगाए जा रहे थे, जिससे इमारत पर अतिरिक्त भार पड़ा होने की आशंका जताई जा रही है।

शनिवार सुबह फिर शुरू होगा रेस्क्यू
नगर निगम और निजी कंपनियों की बचाव टीमें शनिवार सुबह दोबारा मौके पर पहुंचेंगी। इस दौरान कैमरे, स्निफर डॉग्स और आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबे में फंसे लोगों को खोजने का प्रयास किया जाएगा। बचाव दल को अब भी उम्मीद है कि कुछ लोग जिंदा मिल सकते हैं।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें