Last Updated: October 13, 2026

Dainik Savera Times Logo

25 सालों में कितना महंगा हुआ Petrol-Diesel? पुराने रेट के बराबर आज पानी की बोतल

December 15, 2025

25 सालों में कितना महंगा हुआ Petrol-Diesel? पुराने रेट के बराबर आज पानी की बोतल

नई दिल्ली: 21वीं सदी को अब 25 साल पूरे होने वाले हैं। इन ढाई दशकों में भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में जीवनशैली, तकनीक और खर्च करने के तरीके में बड़ा बदलाव आया है। तरक्की के साथ-साथ महंगाई भी तेज़ी से बढ़ी है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण पेट्रोल और डीजल की कीमतें हैं, जो आम आदमी के बजट पर सीधा असर डालती हैं। आज देश के कई शहरों में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के आसपास या उससे ऊपर बिक रहा है, जबकि डीजल 90 रुपये के पार पहुंच चुका है। लेकिन अगर 25 साल पीछे लौटें, तो तस्वीर बिल्कुल अलग थी।

2000-01 में क्या थे पेट्रोल-डीजल के दाम?

साल 2000 से 2001 के आसपास पेट्रोल 25 से 32 रुपये प्रति लीटर और डीजल 15 से 22 रुपये प्रति लीटर के बीच मिलता था। यानी जिस कीमत में आज एक लीटर पानी की बोतल आती है, उसी रकम में तब एक लीटर पेट्रोल खरीदा जा सकता था।

क्यों बढ़ती गई कीमतें?

आजादी के बाद से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में धीरे-धीरे इजाफा होता रहा। इसके पीछे कई कारण रहे:

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव

डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी

केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए टैक्स

1991 के बाद आर्थिक उदारीकरण, जिसके बाद कीमतें वैश्विक बाजार से ज्यादा जुड़ गईं

पहले पेट्रोल-डीजल के दाम सरकार सख्ती से नियंत्रित करती थी, लेकिन समय के साथ बाजार की भूमिका बढ़ती गई।

25 साल में कितना महंगा हुआ ईंधन?

साल 2000 से 2025 तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग तीन से चार गुना तक बढ़ोतरी देखने को मिली। 2010 के बाद कीमतों में तेजी और ज्यादा साफ नजर आई। 2021-22 में तो पेट्रोल कई शहरों में 100 रुपये का आंकड़ा भी पार कर गया।

साल-दर-साल कीमतों की झलक (लगभग)

2000: पेट्रोल 28-30 | डीजल 18-20

2005: पेट्रोल 38-42 | डीजल 28-32

2010: पेट्रोल 50-55 | डीजल 38-42

2015: पेट्रोल 60-65 | डीजल 45-50

2020: पेट्रोल 80-85 | डीजल 70-75

2025: पेट्रोल करीब 95 | डीजल करीब 88

ये भी पढ़ें: बेरोजगार युवाओं के लिए विदेश में नौकरी का सुनहरा अवसर

आम आदमी पर असर

ईंधन महंगा होने का असर सिर्फ वाहन चलाने तक सीमित नहीं रहता। ट्रांसपोर्ट महंगा होता है, जिससे खाने-पीने की चीजों से लेकर रोजमर्रा के सामान तक के दाम बढ़ जाते हैं। यही वजह है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें हर घर के बजट से जुड़ा मुद्दा बन जाती हैं।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें