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बीमा कानून (संशोधन) विधेयक 2025 पेश: बीमा क्षेत्र में 100% विदेशी निवेश, पॉलिसीधारकों को मिलेगी ज्यादा सुरक्षा

December 16, 2025

बीमा कानून (संशोधन) विधेयक 2025 पेश: बीमा क्षेत्र में 100% विदेशी निवेश, पॉलिसीधारकों को मिलेगी ज्यादा सुरक्षा

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को लोकसभा में बीमा कानून (संशोधन) विधेयक, 2025 पेश किया। इस विधेयक का मकसद देश में बीमा को हर व्यक्ति तक पहुंचाना, पॉलिसीधारकों की सुरक्षा मजबूत करना और बीमा क्षेत्र को तेजी से आगे बढ़ाना है। सरकार ने इस पहल को “सबका बीमा, सबकी सुरक्षा” नाम दिया है।

यह विधेयक बीमा से जुड़े कई पुराने कानूनों में बदलाव करता है, जैसे- बीमा अधिनियम, 1938, जीवन बीमा निगम (LIC) अधिनियम, 1956 और IRDAI अधिनियम, 1999। सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक हर नागरिक को बीमा सुरक्षा मिले और बीमा क्षेत्र में कारोबार करना आसान हो।

बीमा क्षेत्र में 100% FDI का प्रस्ताव

इस बिल की सबसे बड़ी घोषणा यह है कि भारतीय बीमा कंपनियों में विदेशी निवेश (FDI) की सीमा 74% से बढ़ाकर 100% करने का प्रस्ताव है। सरकार का कहना है कि इससे विदेशी निवेश आएगा, नई तकनीक देश में आएगी, बीमा सेवाएं गांव-गांव तक पहुंचेंगी, सामाजिक सुरक्षा कवरेज बढ़ेगा।

पॉलिसीधारकों की सुरक्षा के लिए नया कोष

बिल में पॉलिसीधारक शिक्षा और संरक्षण कोष बनाने का प्रस्ताव है। इस कोष का उपयोग लोगों को बीमा के बारे में जागरूक करने, पॉलिसीधारकों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए किया जाएगा।

IRDAI को ज्यादा ताकत

अब बीमा नियामक संस्था IRDAI को यह अधिकार मिलेगा कि बीमा कंपनियों या एजेंटों द्वारा गलत तरीके से कमाए गए मुनाफे को वापस ले सके। नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई कर सके। इसके अलावा, जुर्माना लगाने के लिए एक स्पष्ट और पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाएगी, ताकि मनमाने फैसले न हों।

डिजिटल बीमा सिस्टम को बढ़ावा

यह विधेयक बीमा क्षेत्र में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कानूनी ढांचा देता है। इसका उद्देश्य है, पॉलिसीधारकों के डेटा की सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और डिजिटल नवाचार को बढ़ावा देना।

कारोबार करना होगा आसान

बीमा एजेंटों और बिचौलियों के लिए वन-टाइम रजिस्ट्रेशन का प्रस्ताव। बीमा कंपनियों में शेयर ट्रांसफर के लिए IRDAI की मंजूरी की सीमा पहले 1 प्रतिशत और अब 5% चुकता इक्विटी पूंजी। इससे कामकाज आसान और तेज होगा।

पुनर्बीमा (Reinsurance) को बढ़ावा

विदेशी पुनर्बीमा कंपनियों के लिए नेट ओन्ड फंड की शर्त, पहले- 5,000 करोड़ रुपये अब-1,000 करोड़ रुपये है। इससे ज्यादा विदेशी रीइंश्योरेंस कंपनियां भारत आएंगी और देश की बीमा क्षमता बढ़ेगी।

LIC को ज्यादा आजादी

इस बिल से LIC को नए जोनल ऑफिस खोलने, विदेशों में स्थानीय नियमों के अनुसार काम करने की अधिक स्वतंत्रता मिलेगी।

कुल मिलाकर

यह विधेयक बीमा कवरेज बढ़ाएगा। आम लोगों को ज्यादा सुरक्षा देगा। बीमा क्षेत्र में निवेश और प्रतिस्पर्धा बढ़ाएगा। पॉलिसीधारकों के हितों को मजबूत करेगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे देश में बीमा क्षेत्र का तेज और संतुलित विकास होगा।

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