
भारतीय सेना की डीएससी यूनिट में तैनात नायक प्रवीन कुमार का वीरवार को उनके पैतृक गांव शेरिया में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जवान के पार्थिव शरीर के गांव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया और हर आंख नम नजर आई।
जानकारी के अनुसार नायक प्रवीन कुमार श्रीनगर में तैनात थे। 15 दिसंबर की रात ड्यूटी के दौरान अचानक उन्हें सांस लेने में परेशानी हुई। हालत बिगड़ने पर साथियों ने तुरंत उन्हें नजदीकी सेना अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच में ऑक्सीजन लेवल कम होने और फेफड़ों में संक्रमण की बात कही। इलाज के दौरान 17 दिसंबर को उन्हें हार्ट अटैक आया, जिससे उनका निधन हो गया।
परिवार के सदस्य सचिन ने बताया कि प्रवीन कुमार ने वर्ष 2010 में सेना से सेवानिवृत्ति ली थी, लेकिन देश सेवा का जज्बा उन्हें दोबारा वर्दी में खींच लाया। वर्ष 2013 में उन्होंने डीएससी यूनिट जॉइन की थी। सात दिसंबर को वह छुट्टी पूरी कर श्रीनगर लौटे थे, किसी को अंदेशा भी नहीं था कि यह उनकी अंतिम ड्यूटी साबित होगी।
वीरवार को जैसे ही उनका पार्थिव शरीर गांव शेरिया पहुंचा, ग्रामीणों की भारी भीड़ अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़ी। सेना की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया और पुष्पचक्र अर्पित कर वीर जवान को श्रद्धांजलि दी।
नायक प्रवीन कुमार अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं। उनका बेटा विशाल दिल्ली में एमबीए की पढ़ाई कर रहा है, जबकि बेटी शबनम रोहतक में बीएससी की छात्रा है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार बेरी सुरेंद्र सिंह, बीडीपीओ राजाराम और थाना प्रभारी विकास कुमार भी मौके पर मौजूद रहे।
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