हिमाचल प्रदेश डेस्कः मंडी शहर में शनिवार को सीटू से संबद्ध एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन ने शव यात्रा निकाली। चौहटा में पुतला दहन के दौरान एक कर्मचारी ने खुद पर डीजल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया, लेकिन अन्य साथियों ने उसे तुरंत धकेलकर झुलसने से बचा लिया। इस दौरान कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सत्ता पक्ष व विपक्षी दलों को भी घेरा। जोरदार नारेबाजी के बीच अपने हक के लिए आवाज बुलंद की।
बीते 25 दिसंबर 2025 को रात 8 बजे से शनिवार रात 12 बजे तक प्रस्तावित दो दिवसीय हड़ताल के तहत मंडी जिले के 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं के कर्मचारी पूर्ण हड़ताल पर रहे। जिला मुख्यालय में एकत्र होकर प्रदर्शन किया तथा शव यात्रा निकालकर सरकार और प्रबंधन के खिलाफ विरोध जताया।
यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में 108 व 102 एम्बुलेंस सेवाओं के कर्मचारी 2022 में नेशनल हेल्थ मिशन के तहत मेडस्वान फाउंडेशन कंपनी द्वारा नियुक्त किए गए। पहले 2010 में जीवीके कंपनी ने भर्ती की थी, लेकिन तब भी छंटनी भत्ता, ग्रेच्युटी व अन्य लाभ नहीं मिले। स्वास्थ्य मिशन की भूमिका को मूक दर्शक बताया गया।
वर्तमान में कंपनी कर्मचारियों का शोषण कर रही है। न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा, 12 घंटे ड्यूटी करवाई जाती है लेकिन ओवरटाइम भुगतान नहीं। मांग उठाने पर मानसिक प्रताड़ना दी जाती है। सीटू जिला महासचिव राजेश शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि वेतन, ओवरटाइम, छुट्टियां व अन्य सुविधाएं न दी गईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी।
इस मौके पर यूनियन जिला प्रधान सुमित कपूर, महासचिव पंकज कुमार, तिलक राज, योगेश कुमार, चमन लाल, मनोज कुमार, रजनीश, हंस राज आदि मौजूद रहे।
मेष: दिन शुभ रहेगा...