Ghaziabad Viral Video News : गाजियाबाद के कौशांबी थाना क्षेत्र से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कौशांबी थाना प्रभारी निरीक्षक अजय शर्मा एक व्यक्ति की पीठ पर कथित तौर पर एक मशीन लगाते नजर आ रहे हैं और यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि इसी मशीन से उसकी नागरिकता की जांच की जा रही है। वीडियो में यह दावा किया जा रहा है कि मशीन ने उस व्यक्ति को बांग्लादेशी बताया है, जबकि संबंधित व्यक्ति खुद को बिहार के अररिया जिले का निवासी बता रहा है।
सोशल मीडिया पर उठे सवाल
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर बहस छिड़ गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या वाकई ऐसी कोई मशीन मौजूद है, जिससे किसी व्यक्ति की नागरिकता की पहचान की जा सके। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे पुलिस द्वारा दबाव बनाने का तरीका बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे मजाक या डराने की कोशिश भी कहा।
उत्तर प्रदेश, गाजियाबाद
में एक अजीब स्थिति उत्पन्न हुई है। SHO अजय शर्मा जी अन्य पुलिस कर्मियों के साथ एक मशीन लेकर आए हैं, जिसका उपयोग व्यक्ति की नागरिकता की जांच के लिए किया जा रहा है।
इस मशीन का उपयोग करके एक बिहार के व्यक्ति पर परीक्षण किया गया और उसे बांग्लादेशी बता रहा pic.twitter.com/djGM6QT75E
— Manauar Ali (@ManauarAli4722) January 1, 2026
23 दिसंबर का बताया जा रहा है मामला
मिली जानकारी के अनुसार यह वीडियो 23 दिसंबर का बताया जा रहा है। उस दिन कौशांबी थाना क्षेत्र के भोवापुर स्लम्स और बिहारी मार्केट इलाके में पुलिस ने आरआरएफ और सीआरपीएफ के साथ मिलकर एक सघन तलाशी अभियान चलाया था। यह अभियान रोहिंग्या और अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान के लिए किया गया था, जिसे ‘ऑपरेशन टॉर्च’ नाम दिया गया था।
झुग्गियों में हुई पहचान पत्रों की जांच
इस सर्च ऑपरेशन के दौरान झुग्गियों में रहने वाले लोगों से पूछताछ की गई और उनके पहचान पत्रों की जांच की गई। पुलिस का उद्देश्य यह जानना था कि कहीं इलाके में कोई अवैध रूप से रह रहा विदेशी नागरिक तो नहीं है। वायरल वीडियो इसी अभियान के दौरान का बताया जा रहा है।
मजाक या दबाव बनाने का तरीका?
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पूछताछ के दौरान थाना प्रभारी मजाकिया या दबाव बनाने वाले अंदाज में उस कथित मशीन से नागरिकता जांचने की बात कहते हैं। इसके बाद यह भी कहा जाता है कि मशीन ने व्यक्ति को बांग्लादेशी बताया है।
इस पूरी घटना ने लोगों को हैरान कर दिया और सवाल उठने लगे कि क्या यह तरीका सही है।
ACP इंदिरापुरम ने दी सफाई
मामले पर सफाई देते हुए एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने कहा कि यह कोई तकनीकी या वैज्ञानिक जांच नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस केवल पहचान सत्यापन के लिए सर्च और चेकिंग अभियान चला रही थी। उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान पुलिस कई बार अलग-अलग तरीकों से सवाल करती है, ताकि सही जानकारी सामने आ सके।
राजनीतिक प्रतिक्रिया भी आई सामने
वीडियो के वायरल होने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। तृणमूल कांग्रेस के नेता साकेत गोखले ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह इस मामले में गाजियाबाद पुलिस को नोटिस भेजेंगे।
सोशल मीडिया पर मामला बना चर्चा का विषय
फिलहाल यह वीडियो पुलिस महकमे के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ लोग इसे गंभीर मुद्दा बता रहे हैं, तो कुछ इसे गलत तरीके से पेश की गई घटना मान रहे हैं। यह मामला अब जिज्ञासा, आलोचना और सवालों के बीच चर्चा में बना हुआ है।
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