
नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली विधानसभा में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर लाल किले में आयोजित भव्य समागम के बारे में कहा कि यह आयोजन गुरु साहिब की कृपा और आशीर्वाद से ही संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति और संस्कारों पर गर्व करना, उनका मान रखना और समय आने पर उनका सम्मान करना हम सभी का दायित्व है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली को उन्होंने मिनी इंडिया का रूप देने का प्रयास किया है। दिल्ली सरकार हर त्यौहार को केवल मनाने तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उसे पूरी श्रद्धा और भावना के साथ जिया जाता है। उन्होंने कहा, हमारी सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि दिल्ली एक भारत, श्रेष्ठ भारत की सजीव तस्वीर के रूप में उभरे। पूरे 11 महीनों में राजधानी में अनेकों उत्सव और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे विविधता और सामाजिक समरसता की झलक मिले। रेखा गुप्ता ने गुरु तेग बहादुर जी के व्यक्तित्व और उनके योगदान को भी याद किया।
उन्होंने कहा कि गुरु साहब, जिन्हें हिन्द दी चादर कहा जाता है, ने न केवल अपने धर्म की, बल्कि दूसरों की आस्था की भी सुरक्षा की। उनका बलिदान आज भी लोगों को धार्मिक सहिष्णुता, मानवाधिकार और न्याय के महत्व के प्रति जागरूक करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदी दिवस केवल धार्मिक अवसर नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत और इतिहास की याद दिलाने वाला दिन भी है। उन्होंने सभी दिल्लीवासियों से आग्रह किया कि वे अपने संस्कारों और परंपराओं का सम्मान करें और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाएं।
रेखा गुप्ता ने नागरिकों को यह संदेश भी दिया कि संस्कृति पर गर्व करना और अपने संस्कारों का पालन करना हमारे सामाजिक दायित्वों में शामिल है। दिल्ली सरकार का प्रयास है कि हर कार्यक्रम, हर पर्व और हर त्यौहार में धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता का पूरा सम्मान हो। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि गुरु साहब के जीवन और उनके बलिदान से प्रेरणा लेकर समाज में सहिष्णुता, न्याय और मानवता के मूल्यों को मजबूत करना हम सबकी जिम्मेदारी है। इस भव्य आयोजन के माध्यम से दिल्ली ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि यहाँ हर त्यौहार और हर परंपरा पूरी श्रद्धा और आनंद के साथ जिए जाते हैं।
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