हिमाचल डेस्कः प्रदेश सरकार ने चिट्टा और नशे के खिलाफ शून्य सहिष्णुता नीति के तहत कड़ा कदम उठाते हुए सोमवार को 11 पुलिसकर्मियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया। यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट के मामलों में संलिप्त पाए जाने पर भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311(2)(बी) के अंतर्गत की गई है। सरकार की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि कानून की रक्षा करने वाले पुलिस बल में कानून तोड़ने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है।
इन पुलिसकर्मियों को किया गया बर्खास्त
एनडीपीएस एक्ट के मामलों में संलिप्त पाए जाने पर जिन पुलिस कर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है, उनमें भारतीय रिजर्व बटालियन बनगढ़ में तैनात इंस्पेक्टर नीरज कुमार, जिला बिलासपुर में तैनात कांस्टेबल शुभम ठाकुर, आईआरबी पंडोह में तैनात कांस्टेबल कपिल, एसडीआरएफ में तैनात कांस्टेबल शिव कुमार, जिला शिमला पुलिस में तैनात कांस्टेबल लक्ष्य चौहान, एसवी एंड एसीबी में तैनात कांस्टेबल/ड्राइवर विशाल ठाकुर, आईआरबी जंगलबैरी में तैनात कांस्टेबल गौरव वर्मा, आईआरबी सकोह में तैनात कांस्टेबल/ड्राइवर संदीप राणा, एसडीआरएफ में तैनात कांस्टेबल अंकुश कुमार, स्टेट सीआईडी में तैनात कांस्टेबल रजत चंदेल तथा जिला शिमला में तैनात कांस्टेबल राहुल वर्मा शामिल हैं।
आज शिमला में चिट्टे और नशे के ख़िलाफ़ कार्रवाई को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में साफ़ किया गया कि हमारी सरकार की नीति बिल्कुल स्पष्ट है—चिट्टे और नशे के ख़िलाफ़ शून्य सहिष्णुता।
क़ानून की रक्षा करने की ज़िम्मेदारी जिन पर है, यदि वही क़ानून तोड़ते पाए जाते हैं,… pic.twitter.com/GHMaENrao8— Sukhvinder Singh Sukhu (@SukhuSukhvinder) January 12, 2026
चिट्टे के खिलाफ सख्त कार्रवाई पुलिस की जिम्मेदारी: मुख्यमंत्री सुक्खू
सोमवार को शिमला में एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि चिट्टे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना पुलिस की जिम्मेदारी है। यदि पुलिस कर्मी ही नशे की गतिविधियों में शामिल होंगे, तो इस प्रकार की सख्त कार्रवाई अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चिट्टा तस्करी और अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिट्टा गतिविधियों में संलिप्त सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार की जा रही है। बैठक में पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने विभाग द्वारा चिट्टे के खिलाफ की गई कार्रवाई पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
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चिट्टे से अर्जित संपत्ति की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि चिट्टे की तस्करी और उससे जुड़ी गतिविधियों में शामिल कर्मचारियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शीघ्र मुख्य सचिव को उपलब्ध करवाई जाए। साथ ही, चिट्टे से कमाई गई संपत्ति की रिपोर्ट सरकार को भेजने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि चिट्टे से संबंधित सूचना देने पर इनाम राशि निर्धारित की गई है। दो ग्राम तक की सूचना पर 10 हजार रुपये, पांच ग्राम पर 25 हजार रुपये, 25 ग्राम पर 50 हजार रुपये, एक किलो पर पांच लाख रुपये और एक किलो से अधिक मात्रा की सूचना देने पर 10 लाख रुपये तक का इनाम दिया जाएगा। बड़े गिरोह की सूचना देने वालों को पांच लाख रुपये से अधिक की इनाम राशि प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि चिट्टे से संबंधित किसी भी जानकारी को साझा करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा 112 आपातकालीन नंबर शुरू किया गया है। उन्होंने जनता से इस नंबर पर जानकारी साझा करने की अपील की।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, सचिव सी. पालरासु, महाधिवक्ता अनूप रतन, निदेशक ग्रामीण विकास राघव शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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