अर्की: अर्की के पुराने बस स्टैंड के समीप रविवार देर रात हुए भीषण अग्निकांड के बाद दूसरे दिन भी राहत एवं बचाव कार्य पूरी तेजी के साथ जारी रहा। जली हुई चार मंजिला इमारत के मलबे में दबे संभावित पीड़ितों की तलाश के लिए विशेष खोजी कुत्ताें (डॉग स्क्वाड) को मौके पर तैनात किया गया है। डॉग स्क्वाड की मदद से मलबे के भीतर उन स्थानों की पहचान की जा रही है, जहां शव या मानव अवशेष होने की आशंका है। घटना की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम भी मौके पर पहुंच गई है और रेस्क्यू अभियान की कमान संभाल ली है।
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अग्निशमन विभाग, होम गार्ड और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से जेसीबी मशीनों और आधुनिक उपकरणों की सहायता से मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। प्रशासन के अनुसार मलबे में अभी भी लगभग 6 लोगों के दबे होने की आशंका बनी हुई है, जिस कारण राहत कार्य अत्यंत सावधानीपूर्वक किया जा रहा है। अग्निकांड के बाद पूरे अर्की बाजार क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल है। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस द्वारा पूरे इलाके की घेराबंदी की गई है और अनावश्यक भीड़ को दूर रखते हुए राहत कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं।
प्रशासन लगातार लोगों से संयम बनाए रखने और राहत कार्य में सहयोग करने की अपील कर रहा है। मौके पर स्वयं उपस्थित एसडीएम अर्की निशांत तोमर ने बताया कि आग से इमारत पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है और मलबा हटाने का कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक पूरा मलबा नहीं हटाया जाता, तब तक वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाएगी। एहतियातन अग्निकांड से सटी हुई एक अन्य इमारत को भी असुरक्षित घोषित कर दिया गया है और आसपास के क्षेत्र को खाली करवा लिया गया है।
एसपी सोलन गौरव सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और राहतकर्मियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों की पहचान कर उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। साथ ही अग्निकांड के कारणों की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। राहत एवं बचाव कार्य पूर्ण होने के बाद ही नुकसान का सही आकलन किया जा सकेगा।
घटनास्थल से मानव शरीर के कुछ छोटे अवशेष भी बरामद किए गए हैं, जिन्हें पहचान सुनिश्चित करने के लिए डीएनए परीक्षण के लिए एफएसएल भेजा जा रहा है। इसके अलावा मौके से कुछ गैस सिलेंडर भी बरामद किए गए हैं। इस संबंध में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत संबंधित भवन अथवा दुकान मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वर्तमान में एसडीआरएफ के 10 कर्मी, एनडीआरएफ के 33 कर्मी प्रशिक्षित खोजी कुत्ताें के साथ, होम गार्ड के 34 कर्मी और पुलिस के 35 कर्मी मौके पर तैनात हैं।
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