इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर तेल खरीद को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर चीन वेनेजुएला से तेल खरीदना चाहता है, तो अमेरिका को इससे कोई आपत्ति नहीं है। चीन का स्वागत है और वह तेल को लेकर अच्छी डील कर सकता है।
एयर फोर्स वन विमान में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका पहले ही इस मामले में एक डील का खाका तैयार कर चुका है। उन्होंने दावा किया कि भारत भी इस योजना का हिस्सा है और अब भारत ईरान की जगह वेनेजुएला से तेल खरीदेगा।
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ट्रंप ने कहा- हमने पहले ही एक डील का कॉन्सेप्ट बना लिया है। भारत आ रहा है और वे ईरान से तेल खरीदने के बजाय वेनेजुएला से तेल लेगा। चीन चाहे तो वह भी आगे आ सकता है और तेल खरीदे, उसका स्वागत है। हालांकि, भारत सरकार की ओर से अब तक ट्रंप के इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
वेनेजुएला से 50 मिलियन बैरल तेल की पेशकश का दावा
इससे पहले भी डोनाल्ड ट्रंप वेनेजुएला को लेकर बड़ा दावा कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि वेनेजुएला ने अमेरिका को करीब 50 मिलियन बैरल तेल बेचने का प्रस्ताव दिया है, जिसकी कीमत लगभग 5.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर बताई गई है। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है।
न्यूयॉर्क में सदर्न बुलेवार्ड का नाम बदलकर ‘डोनाल्ड ट्रंप बुलेवार्ड’ किए जाने के मौके पर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि वेनेजुएला के नए नेतृत्व के साथ बातचीत चल रही है। वेनेजुएला ने अमेरिका से कहा कि उनके पास तेल तो बहुत है, लेकिन उसे स्टोर करने की जगह नहीं है, इसलिए वे तुरंत तेल बेचना चाहते हैं।
अंतरिम सरकार से अच्छे संबंधों का दावा
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका के वेनेजुएला की अंतरिम सरकार के साथ अच्छे संबंध हैं। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा हालात में दबाव काफी हद तक कम हो गया है और अमेरिका वहां की स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है।
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तेल बिक्री से मिलने वाला पैसा अमेरिका के नियंत्रण में
एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने वेनेजुएला के तेल की पहली खेप बेच दी है, जिसकी कीमत करीब 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर बताई जा रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तेल बिक्री से मिलने वाला पैसा फिलहाल अमेरिकी सरकार के नियंत्रण वाले बैंक खातों में रखा जा रहा है।
प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस फंड का मुख्य खाता कतर में स्थित है। ट्रंप पहले ही साफ कर चुके हैं कि राजनीतिक बदलाव के दौरान अमेरिका वेनेजुएला के संसाधनों पर नजर रखेगा और तेल समेत अन्य चीजों तक उसकी पूरी पहुंच होगी।