धर्मशाला: तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने 90 वर्ष की आयु में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत और अध्यात्म का मान बढ़ाया है। लॉस एंजिलस में आयोजित 68वें ग्रैमी अवॉर्डस में उनके विशेष ऑडियो एल्बम मेडिटेशंस दि रिफ्लेक्शंस ऑफ हिज होलीनेस दि दलाईलामा को सर्वश्रेष्ठ ऑडियो बुक और स्टोरीटेलिंग के पुरस्कार से नवाजा गया है।
नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त करने के दशकों बाद, अब दलाईलामा के नाम के साथ संगीत जगत का यह प्रतिष्ठित सम्मान भी जुड़ गया है। उनकी यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने इस श्रेणी में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस केतनजी ब्राउन जैक्सन और प्रसिद्ध होस्ट ट्रेवर नोआ जैसी अंतरराष्ट्रीय हस्तियों को पीछे छोड़ा। अगस्त 2025 में दलाईलामा के 90वें जन्मदिवस के अवसर पर रिलीज हुए इस एल्बम को विश्वभर में सराहना मिली है।
एल्बम को प्रसिद्ध संगीतकार कबीर सहगल ने बेहद संवेदनशीलता और गहराई के साथ तैयार किया है। यह केवल प्रवचनों का संग्रह नहीं, बल्कि शांति, करुणा और पर्यावरण संरक्षण का संगीतमय संदेश है। एल्बम में भारतीय सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान, उनके पुत्रों और कई अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की भागीदारी रही है। वाटर जैसे ट्रैक्स के माध्यम से दलाई लामा ने जल संकट, जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वॉमिर्ंग जैसे गंभीर विषयों पर अपनी चिंता व्यक्त की है, जो विशेष रूप से युवा पीढ़ी से सीधा संवाद स्थापित करते हैं।
मेष: दिन शुभ रहेगा...